खेती में नई क्रांति : सहकारी समिति के संबल से बदली किसान की तकदीर, लालपुर के विष्णु राठौर बने मिसाल
OM Darpan
Jun 25, 2026 09:20 pm
339 views
25 Jun 2026
-
सहकारी समिति से मिला समय पर खाद-बीज
-
नैनो यूरिया के उपयोग से बढ़ा उत्पादन
-
परंपरागत खेती के साथ सब्जियों पर जोर
पेंड्रा/गौरेला।
गौरेला-पेंड्रा-मरवाही जिले के लालपुर गांव में खेती अब केवल जीविकोपार्जन का साधन नहीं, बल्कि मुनाफे का सौदा साबित हो रही है। प्रगतिशील किसान विष्णु राठौर ने सहकारी समितियों से मिलने वाले समयबद्ध खाद-बीज और शासन की किसान हितैषी नीतियों के दम पर कृषि क्षेत्र में सफलता की नई इबारत लिखी है।
यह भी पढ़ें: छत्तीसगढ़ में नैनो डीएपी-यूरिया जागरूकता अभियान शुरू
खाद-बीज की किल्लत हुई दूर
गौरतलब है कि किसान विष्णु राठौर को पहले समय पर कृषि आदान न मिलने से भारी नुकसान उठाना पड़ता था। अब सहकारी समिति के माध्यम से उन्नत बीज, डीएपी और रासायनिक खाद की पर्याप्त उपलब्धता ने उनकी राह आसान कर दी है। किसान का कहना है कि संसाधनों की सुलभता से अब बुआई और फसल प्रबंधन पूरी तरह व्यवस्थित हो चुका है।
यह भी पढ़ें: राजनांदगांव में खाद-बीज वितरण तेज
नैनो यूरिया से बढ़ा उत्पादन
किसान विष्णु राठौर ने धान के साथ-साथ सब्जियों के उत्पादन में भी महारत हासिल की है। नैनो यूरिया और संतुलित उर्वरकों के वैज्ञानिक प्रयोग से न केवल फसलों की बढ़वार बेहतर हुई है, बल्कि सब्जियों की गुणवत्ता में भी उल्लेखनीय सुधार आया है। शासन की इस सुदृढ़ सहकारी व्यवस्था से अब क्षेत्र के अन्य किसानों का भी खेती पर भरोसा और अधिक मजबूत हुआ है।
Tags
जरूरी खबरें
विज्ञापन