
रायपुर।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शुक्रवार को राजधानी रायपुर में आयोजित तीन दिवसीय डेंटल कॉन्फ्रेंस 2025 का शुभारंभ किया। इस अवसर पर उन्होंने छत्तीसगढ़ की 3 करोड़ जनता के आरोग्य के साथ विकसित प्रदेश के सपने को साकार करने का संकल्प दोहराया। मुख्यमंत्री ने कहा कि पिछले 20 महीनों में राज्य की स्वास्थ्य अधोसंरचना को मजबूत किया गया है और दुर्गम अंचलों तक स्वास्थ्य सेवाओं को पहुँचाने का कार्य हमारी सरकार ने प्राथमिकता से किया है।
स्वास्थ्य सेवाओं का तेजी से विस्तार
मुख्यमंत्री साय ने बताया कि सरकार बनने के पहले दिन से ही प्रदेशवासियों के स्वास्थ्य को सर्वोच्च प्राथमिकता दी गई है। राज्य में पाँच नए मेडिकल कॉलेजों को स्वीकृति दी गई है। इसके साथ ही फिजियोथैरेपी, नर्सिंग और मदर-चाइल्ड हॉस्पिटल जैसे संस्थानों की स्थापना भी की जा रही है। उन्होंने कहा कि वर्ष 2000 में जहाँ केवल एक मेडिकल कॉलेज था, वहीं आज प्रदेश में कुल 15 मेडिकल कॉलेज स्थापित हो चुके हैं। आयुष्मान भारत योजना और प्रधानमंत्री वय वंदना योजना जैसी योजनाओं से मरीजों और बुजुर्गों को निःशुल्क इलाज की सुविधा मिल रही है, साथ ही सस्ती जेनेरिक दवाइयाँ आम जनता को राहत प्रदान कर रही हैं।
मुख कैंसर पर चिंता और जन जागरूकता की अपील
मुख्यमंत्री ने कैंसर जैसी गंभीर बीमारियों का जिक्र करते हुए विशेष रूप से पान मसाला, गुटखा और तंबाकू के सेवन से बढ़ते मुख कैंसर के मामलों पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने दंत चिकित्सकों से इस दिशा में व्यापक जनजागरूकता अभियान चलाने का आह्वान किया, क्योंकि दाँतों की देखभाल और सुंदर मुस्कान देने में उनकी अहम भूमिका है।
AIIMS रायपुर की स्थापना का स्मरण
मुख्यमंत्री ने अपने संसदीय कार्यकाल की स्मृतियाँ साझा करते हुए बताया कि 1999 में जब श्रद्धेय अटल बिहारी वाजपेयी प्रधानमंत्री थे, तब उन्होंने संसद में छत्तीसगढ़ में एम्स की स्थापना का निवेदन किया था। सौभाग्य से 1 नवंबर 2000 को राज्य गठन के बाद पहली किस्त में छह राज्यों को एम्स की सौगात मिली और छत्तीसगढ़ को भी यह ऐतिहासिक उपलब्धि प्राप्त हुई।
विकसित छत्तीसगढ़ का विजन 2047
मुख्यमंत्री साय ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के वर्ष 2047 तक भारत को विकसित राष्ट्र बनाने के संकल्प का उल्लेख करते हुए बताया कि इसी दिशा में छत्तीसगढ़ सरकार ने ‘छत्तीसगढ़ विजन 2047’ डॉक्यूमेंट तैयार किया है। प्रदेश का जीएसडीपी वर्तमान में 5 लाख करोड़ है, जिसे वर्ष 2047 तक 75 लाख करोड़ तक पहुँचाने का लक्ष्य है। उन्होंने विश्वास जताया कि “छत्तीसगढ़िया सबसे बढ़िया” की कहावत को चरितार्थ करते हुए प्रदेश 2047 तक अपने सभी लक्ष्यों को अवश्य प्राप्त करेगा। उन्होंने जीएसटी सुधारों को भी सराहा, जिससे व्यापार और कृषि क्षेत्र को लाभ मिलेगा।
स्वास्थ्य मंत्री ने बताई उपलब्धियाँ
स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्री श्याम बिहारी जायसवाल ने बताया कि मुख्यमंत्री स्वास्थ्य सेवाओं की लगातार समीक्षा कर रहे हैं। नक्सल प्रभावित और दूरस्थ अंचलों तक गुणवत्तापूर्ण सुविधाएँ पहुँच रही हैं। बस्तर में 20 विशेषज्ञ चिकित्सकों की नियुक्ति की गई है और सुकमा जिले के चिंतागुफा स्वास्थ्य केंद्र को एनक्यूएएस सर्टिफिकेट प्राप्त हुआ है। उन्होंने जानकारी दी कि प्रदेश में अब कुल 15 मेडिकल कॉलेज होंगे, बिलासपुर में सुपर स्पेशियलिटी हॉस्पिटल, 12 नए नर्सिंग कॉलेज और पाँच फिजियोथैरेपी कॉलेज भी स्थापित किए जा रहे हैं। विशेष पिछड़ी जनजाति बहुल क्षेत्रों में मोबाइल मेडिकल यूनिट और दुर्गम क्षेत्रों के लिए बाइक एम्बुलेंस सेवा शुरू की जा रही है। उन्होंने गर्व से कहा कि छत्तीसगढ़ पूरे देश में सबसे अधिक कैशलेस इलाज सुविधा देने वाला राज्य बन चुका है।
कॉन्फ्रेंस में इंडियन डेंटल एसोसिएशन छत्तीसगढ़ के प्रेसिडेंट डॉ. अरविंद कुमार, पूर्व प्रेसिडेंट डॉ. राजीव सिंह, कॉन्फ्रेंस के चेयरमैन डॉ. वैभव तिवारी सहित देशभर से आए बड़ी संख्या में दंत चिकित्सक उपस्थित रहे।









