

भिलाई नगर निगम क्षेत्र में विकास कार्यों के लिए राजस्व की आवश्यकता है। इसे बढ़ाने के उद्देश्य से आयुक्त राजीव कुमार पाण्डेय ने संपत्ति कर वसूली के संबंध में बैठक ली। इस बैठक में नगर निगम क्षेत्र में संपत्ति कर वसूली का कार्य कर रही मेसर्स श्री पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड की कार्रवाई संतोषजनक नहीं पाई गई, क्योंकि अभी तक मात्र 20 प्रतिशत वसूली हुई है, जबकि हर महीने 7% वसूली का लक्ष्य था।
आयुक्त ने एजेंसी को निर्देश दिया है कि निर्धारित लक्ष्य को पूरा करने के लिए अपनी वसूली बढ़ाएं और घर-घर जाकर संपत्ति करदाताओं से संपर्क करें। संपत्ति कर की प्राप्ति से ही शहर का विकास संभव है। प्रत्येक वार्ड के हिसाब से एजेंसी को अपने प्रतिनिधियों की नियुक्ति करनी होगी, और उनके ऊपर एक सुपरवाइजर भी होगा। प्रत्येक प्रतिनिधि के पास पहचान पत्र होगा।
एजेंसी के प्रतिनिधि संपत्ति करदाताओं के घर जाकर उनसे संपर्क करेंगे, डिमांड नोट देंगे और उसके बदले में संपत्ति कर प्राप्त कर रसीद प्रदान करेंगे। आयुक्त ने कहा कि जो भी पुराने बकायेदार हैं, उन्हें समय पर संपत्ति कर जमा करना चाहिए। जमा नहीं करने पर उनके खिलाफ वैधानिक कार्रवाई की जाएगी, जिसमें नोटिस के अलावा संपत्ति की कुर्की भी शामिल है।
आयुक्त ने पुराने फाइलों की जांच कर नियम और शर्तों का निरीक्षण किया और आवश्यक निर्देश भी दिए। संपत्ति कर जमा करने पर फिलहाल 2% की छूट दी जा रही है, इसके बाद 18% ब्याज लगाया जाएगा। भू-स्वामी अपने संपत्ति का स्ववरणी भर सकते हैं, और यदि संपत्ति ज्यादा होने पर इसका कम विवरण भरा जाता है तो जांच के बाद संपत्ति का पांच गुना अधिभार आरोपित किया जाएगा।
संपत्ति कर 31 मार्च 2025 के बाद जमा करने पर 18% ब्याज देय होगा। आयुक्त ने नागरिकों से अपील की है कि समय पर संपत्ति कर जमा कर दें, जिससे ब्याज का अतिरिक्त भार न उठाना पड़े। अवकाश अवधि में सभी जोन कार्यालय और मुख्य कार्यालय में संपत्ति कर का काउंटर खुला रहेगा, जहाँ करदाता स्वयं आकर कर जमा कर सकते हैं। इसके अलावा ऑनलाइन सुविधा भी उपलब्ध है, जहाँ अपने आईडी से संपत्ति कर जमा कर रसीद प्राप्त की जा सकती है।
इस बैठक के दौरान उपयुक्त नरेंद्र बंजारे, प्रोग्रामर दीप्ति साहू, सहायक अधीक्षक भैयालाल असाटी और मेसर्स श्री पब्लिकेशन प्राइवेट लिमिटेड के अधिकारी उपस्थित रहे।






