



लाहौर।
पाकिस्तान के पंजाब प्रांत में वायु प्रदूषण के कारण हालात चिंताजनक बने हुए हैं। एआरवाई न्यूज़ के अनुसार, पंजाब सरकार ने स्कूलों और ट्यूशन केंद्रों सहित सभी शैक्षणिक संस्थानों को 24 नवंबर 2024 तक बंद रखने का आदेश दिया है। पहले यह बंदी 17 नवंबर तक थी, लेकिन लगातार खराब होती वायु गुणवत्ता को देखते हुए इसे बढ़ा दिया गया है।
लाहौर का वायु गुणवत्ता सूचकांक (AQI) अब 1600 के रिकॉर्ड स्तर पर पहुंच गया है। इसके मद्देनजर, प्रांतीय सरकार ने सभी शैक्षणिक संस्थानों को ऑनलाइन प्रणाली पर स्थानांतरित करने की अधिसूचना जारी की है। अधिसूचना के अनुसार, मुर्री जिले को छोड़कर पूरे पंजाब प्रांत में यह आदेश लागू रहेगा।
लाहौर और मुल्तान में शुक्रवार, शनिवार और रविवार को पूर्ण लॉकडाउन लागू किया जाएगा। सरकार ने सोमवार, मंगलवार और बुधवार को स्थिति पर नजर रखने का निर्णय लिया है। अगर वायु गुणवत्ता और बिगड़ती है, तो लॉकडाउन पहले भी लागू किया जा सकता है।
पाकिस्तान की सूचना और पर्यावरण संरक्षण मंत्री मरियम औरंगज़ेब ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में स्मॉग से उत्पन्न गंभीर स्वास्थ्य खतरों को उजागर किया। उन्होंने कहा कि स्मॉग से स्वास्थ्य पर पड़ने वाले प्रभाव कोविड-19 संकट से कम नहीं हैं। मरियम औरंगज़ेब ने लाहौर और मुल्तान में निर्माण गतिविधियों पर 16 नवंबर से पूर्ण प्रतिबंध लगाने की घोषणा की।
उन्होंने कहा कि प्रदूषण के नियंत्रण के लिए दीर्घकालिक रणनीतियों पर काम किया जा रहा है। मोटरसाइकिल और रिक्शा उत्सर्जन को नियंत्रित करने और पेट्रोल पंपों पर तेल की गुणवत्ता सुनिश्चित करने के लिए निरीक्षण किए जाएंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि अनुपालन न करने वाले पंपों को बंद कर दिया जाएगा।
मंत्री ने वायु प्रदूषण को राष्ट्रीय मुद्दा बताया और कहा कि पहाड़ी क्षेत्रों जैसे मुर्री में भी अब पर्यावरणीय समस्याएं बढ़ रही हैं। सरकार ने अतिक्रमण के खिलाफ कार्रवाई शुरू की है, हालांकि इसे लेकर आलोचना भी हो रही है।
द न्यूज़ इंटरनेशनल के मुताबिक, पंजाब सरकार ने लाहौर और मुल्तान में स्वास्थ्य आपातकाल घोषित कर दिया है। यह कदम वायु प्रदूषण से लाखों लोगों के स्वास्थ्य पर पड़ रहे गंभीर प्रभावों के मद्देनजर उठाया गया है।





