नई दिल्ली: लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा किए गए अग्निवीर के मुआवजे के दावों को रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने खारिज कर दिया है। रक्षा मंत्रालय ने स्पष्ट किया है कि मिलिट्री सर्विस के दौरान जान गंवाने वाले अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि दी जाती है, जिसमें बीमा और अन्य मदें शामिल हैं।
राहुल गांधी का दावा
राहुल गांधी ने लोकसभा में बयान देते हुए कहा कि रक्षा मंत्री ने कहा था कि शहीद अग्निवीर के परिवार को एक करोड़ रुपये का मुआवजा दिया गया। गांधी ने इसे गलत बताते हुए कहा, “उस परिवार को बीमा दिया गया था, मुआवजा नहीं। यह सच है। इसे कोई नकार नहीं सकता।”
रक्षा मंत्रालय का स्पष्टीकरण
रक्षा मंत्रालय के सूत्रों ने कहा, “यदि किसी अग्निवीर की मृत्यु मिलिट्री सर्विस के दौरान होती है, तो उसके परिजनों को एक करोड़ रुपये से अधिक की राशि मिलती है। इसमें 48 लाख रुपये का बीमा शामिल है, जिस पर अग्निवीर से कोई भुगतान नहीं लिया जाता है। इसके अलावा 44 लाख रुपये की अनुग्रह राशि, सेवा निधि पैकेज लगभग 11.70 लाख रुपये, और सर्विस की शेष अवधि के लिए वेतन भी शामिल है।”
सूत्रों ने यह भी बताया कि अग्निवीरों को 50 लाख से 1 करोड़ रुपये तक का बीमा कवर मिलता है, जिसे सरकार ने कई बैंकों के साथ समझौते के तहत उपलब्ध कराया है। इसमें किसी भी प्रीमियम का भुगतान अग्निवीरों को नहीं करना पड़ता।
राजनाथ सिंह की प्रतिक्रिया
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने राहुल गांधी के बयान को लेकर कहा कि उन्होंने अग्निवीरों और बजट पर देश को गुमराह करने का प्रयास किया। उन्होंने कहा, “नेता प्रतिपक्ष ने बजट से संबंधित भ्रांतियां पैदा की हैं, जिन पर वित्त मंत्री जवाब देंगे। मेरा मानना है कि बजट को लेकर कई भ्रांतियां उत्पन्न की गई हैं।”
सिंह ने यह भी जोड़ा कि “देश की सुरक्षा एक संवेदनशील मुद्दा है। अग्निवीरों को लेकर देश को गुमराह करने की कोशिश की जा रही है। जब भी लोकसभा अध्यक्ष का आदेश होगा, मैं अग्निवीरों के मुद्दे पर अपना बयान देने के लिए तैयार हूं।”






