अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)।
अंबिकापुर का कार्मेल स्कूल, जो अक्सर विवादों में रहता है, एक बार फिर सुर्खियों में है। 2 अक्टूबर गांधी जयंती के दिन, स्कूल ने छुट्टी के बावजूद धर्मसभा का आयोजन कर स्कूल खोला। इस पर हिंदू संगठनों ने आपत्ति जताई। मामला सामने आने के बाद, जिला शिक्षा अधिकारी अशोक सिन्हा मौके पर पहुंचे और स्कूल प्रबंधन से बहस के बाद स्कूल को तुरंत बंद कराया गया।
दरअसल, गांधी जयंती के दिन राष्ट्रीय अवकाश होता है। बावजूद इसके, स्कूल ने छात्रों को स्कूल ड्रेस में बुलाया और धर्मसभा का आयोजन किया। हिंदू संगठनों को इस बात की जानकारी मिलते ही उन्होंने कलेक्टर विलास भोस्कर से शिकायत की। इसके बाद डीईओ अशोक सिन्हा, प्रशासनिक अधिकारी और पुलिस टीम मौके पर पहुंची।
स्कूल में धर्म विशेष के बच्चों को बुलाया गया था, परंतु कई हिंदू बच्चे भी स्कूल में मौजूद थे। इस पर स्कूल प्रबंधन ने दावा किया कि केवल एक समुदाय के बच्चों को बुलाया गया था। स्कूल के शिक्षकों ने शिक्षा विभाग के अधिकारियों से बहस करते हुए कहा कि उन्हें क्या करना है, वह नहीं बताएंगे।
डीईओ अशोक सिन्हा ने प्रबंधन की इस हरकत पर नाराजगी जताते हुए स्कूल को बंद कराने का आदेश दिया। साथ ही उन्होंने कहा कि स्कूल प्रबंधन को नोटिस जारी किया जाएगा और इसके बाद आगे की कार्रवाई की जाएगी। उनका कहना था कि गांधी जयंती के अवसर पर स्वच्छता सेवा जैसे राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किए जाने चाहिए, न कि धर्मसभा।
हिंदू संगठनों का विरोध
हिंदू संगठन के कार्यकर्ता दीपक यादव ने स्कूल प्रबंधन की कार्यप्रणाली पर नाराजगी जताई। उनका कहना था कि स्कूल प्रबंधन की मनमानी से हिंदू संगठनों में आक्रोश है। उन्होंने आरोप लगाया कि स्कूल ने बच्चों को बुलाकर उन्हें धर्मसभा में शामिल होने के लिए मजबूर किया।
स्कूल प्रबंधन की चुप्पी
मामले को लेकर जब मीडियाकर्मी स्कूल प्रबंधन से बात करने पहुंचे तो स्कूल की प्रिंसिपल ने मीडियाकर्मियों से बात करने से इनकार कर दिया। प्रबंधन की तरफ से किसी भी प्रकार की सफाई नहीं दी गई है।









