



मरवाही।
छत्तीसगढ़ की मरवाही पुलिस ने रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर ठगी करने वाले गिरोह के सरगना कपिल बरनवाल को गिरफ्तार किया है। यह आरोपी 8वीं कक्षा तक ही पढ़ा है लेकिन उसने इंजीनियरिंग और स्नातक पास युवाओं को भी ठग लिया। मरवाही के कुम्हारी गांव के निवासी पुनीत प्रधान (28 वर्ष) ने इस मामले में शिकायत दर्ज कराई थी, जिसमें बताया गया था कि रेलवे में नौकरी लगवाने के नाम पर उससे 12 लाख रुपये की ठगी की गई है।
पुनीत ने अपनी शिकायत में बताया कि ठगी की रकम आसनसोल में चली 9 महीने की ट्रेनिंग के दौरान अलग-अलग किश्तों में ली गई थी। ट्रेनिंग के नाम पर उसे रेलवे प्लेटफॉर्म पर ले जाकर ट्रेन के डिब्बे गिनवाए गए। पुनीत के साथ दूसरे प्रदेशों से आए युवक भी थे। जब उसे इस ठगी का एहसास हुआ, तो उसके होश उड़ गए क्योंकि पूरी ट्रेनिंग और उससे जुड़े सारे किरदार फर्जी थे।
ठगी का पता चलने पर पुनीत ने मरवाही थाना में शिकायत दर्ज कराई थी। मरवाही पुलिस ने साइबर सेल की मदद से पहले तीन आरोपियों—अमित मंडल, विधान बैरागी और योगेश रजक—को गिरफ्तार किया था। अमित मंडल फर्जी ट्रेनिंग देता था जबकि विधान बैरागी और योगेश रजक स्थानीय स्तर पर युवाओं को झांसा देकर आसनसोल भेजते थे। अब पुलिस ने पश्चिम बंगाल के आसनसोल से इस गिरोह के सरगना कपिल बरनवाल को भी गिरफ्तार कर लिया है।
कपिल बरनवाल फरार था और लगातार अपना ठिकाना बदल रहा था। जैसे ही वह आसनसोल लौटा, उसे गिरफ्तार कर लिया गया। यह आरोपी पहले भी आसनसोल में फर्जी पुलिस अधिकारी बनकर घूमने के मामले में जमानत पर था। मरवाही पुलिस ने आरोपी की ट्रांजिट रिमांड हासिल कर उसे मरवाही लाया और पुलिस रिमांड पर रखा। पूछताछ में पता चला कि कपिल की पत्नी पूजा हलदर, जो एक मेकअप आर्टिस्ट हैं, भी ठगी में सहयोग कर रही थी। मेकअप के जरिए कपिल कभी आरपीएफ वाला बन जाता तो कभी स्वास्थ्यकर्मी। आरोपी ने यह सब ठगी लग्जरी जीवन जीने के लिए किया। गिरोह के अन्य सदस्यों की भूमिका और ठिकानों की जानकारी के आधार पर जांच अभी भी जारी है।





