- विपक्ष ने बजट को बताया भेदभावपूर्ण और दृष्टिहीन
- भाजपा ने मोदी सरकार की उपलब्धियों की सराहना की
- चिदंबरम ने बेरोजगारी और ELI योजना पर उठाए सवाल
- बनर्जी ने मोदी सरकार पर हमला करते हुए बजट को कहा “विश्वस्तरीय संक्षेप”
- वित्त मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
नई दिल्ली। संसद के दोनों सदनों में केंद्रीय बजट 2024-2025 पर बुधवार को गरमागरम चर्चा हुई। विपक्षी दलों ने बजट को “भेदभावपूर्ण” और दूरदर्शिता की कमी वाला करार दिया, जबकि भाजपा सदस्यों ने मोदी सरकार की उपलब्धियों और बजट में विभिन्न क्षेत्रों के प्रावधानों पर प्रकाश डाला।
विपक्ष ने बजट को बताया भेदभावपूर्ण और दृष्टिहीन
राज्यसभा में पूर्व वित्त मंत्री पी चिदंबरम और लोकसभा में कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने बजट की आलोचना की। चिदंबरम ने अर्थव्यवस्था के सामने चार बड़ी चुनौतियों का ज़िक्र किया, जिसमें सबसे बड़ी चुनौती बेरोजगारी है। उन्होंने सेंटर फ़ॉर मॉनिटरिंग इंडियन इकोनॉमी (CMIE) द्वारा जारी डेटा का हवाला देते हुए बताया कि जून 2024 में बेरोजगारी दर 9.2 प्रतिशत है। चिदंबरम ने बजट में रोजगार से जुड़ी प्रोत्साहन (ELI) योजना की प्रभावशीलता पर संदेह जताया और वित्त मंत्री से PLI योजना द्वारा सृजित नौकरियों की संख्या का खुलासा करने का आग्रह किया।
भाजपा ने मोदी सरकार की उपलब्धियों की सराहना की
भाजपा के राधा मोहन दास अग्रवाल ने प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में पिछले दस वर्षों में सरकार द्वारा हासिल की गई उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। उन्होंने जन धन योजना की सफलता का उल्लेख किया, जिसने देश के करोड़ों लोगों को बैंकिंग सेवाएं प्रदान की हैं।
चिदंबरम और बनर्जी ने प्रमुख मुद्दे उठाए
कांग्रेस सांसद कुमारी शैलजा ने भी बेरोजगारी की समस्या पर जोर दिया। तृणमूल कांग्रेस के नेता अभिषेक बनर्जी ने मोदी सरकार पर कड़ा हमला करते हुए बजट को “स्पष्टता और दूरदर्शिता” का अभाव बताय। उन्होंने कहा कि बजट को भाजपा के गठबंधन सहयोगियों को संतुष्ट करने के लिए पेश किया गया है और यह “दो व्यक्तियों द्वारा अन्य दो को खुश रखने के लिए योजना बनाई गई थी।”
वित्त मंत्री ने विपक्ष के आरोपों को किया खारिज
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने विपक्ष के आरोपों को “अपमानजनक” करार देते हुए कहा कि बजट में राज्यों के बीच भेदभाव की बात बेबुनियाद है। उन्होंने कांग्रेस के नेताओं को चुनौती दी कि वे बताएं कि क्या उन्होंने कभी बजट भाषण में सभी राज्यों का नाम लिया है। सीतारमण ने विपक्षी नेताओं की आलोचना को खारिज किया और कहा कि बजट सभी राज्यों के विकास को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
बजट पर चर्चा के दौरान विभिन्न नेताओं ने सरकार की नीतियों और योजनाओं की प्रशंसा और आलोचना की, जो संसद में तात्कालिक राजनीतिक माहौल को दर्शाता है।









