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कैकेयी के उस एक हठ ने कैसे राम को बना दिया ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’? गोपालपुर की राम कथा में अशवंत तुषार साहू ने रामायण के प्रसंगों से दिया जवाब

Ashwant Tushar Sahu

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महासमुंद (ओमदर्पण न्यूज़)।

महासमुंद विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत आने वाले ग्राम गोपालपुर और कांपा में तीन दिवसीय राम कथा का भव्य आयोजन किया गया। इस धार्मिक कार्यक्रम में राष्ट्रीय तेलीकर्मा सेना के संस्थापक और भाजपा किसान मोर्चा के प्रदेश कार्यसमिति सदस्य अशवंत तुषार साहू बतौर मुख्य अतिथि शामिल हुए।

कार्यक्रम स्थल पर पहुंचने पर आयोजन समिति द्वारा अशवंत तुषार साहू का ‘राम टोकरी’ भेंटकर तथा चंदन व गुलाल लगाकर आत्मीय स्वागत किया गया। इसके पश्चात उन्होंने प्रभु राम के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें श्रद्धा सुमन अर्पित किए और क्षेत्र की सुख-समृद्धि की कामना की।

वनवास के संघर्ष ने राम को बनाया मर्यादा पुरुषोत्तम

उपस्थित श्रद्धालुओं को संबोधित करते हुए अशवंत तुषार साहू ने राम को ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ बनाने और समाज में धर्म की स्थापना के प्रसंगों पर विस्तार से प्रकाश डाला। उन्होंने बताया कि रामायण में कैकेयी, राजा दशरथ की सबसे प्रिय रानी और भरत की माता थीं। देवासुर संग्राम में राजा दशरथ की जान बचाने के बदले कैकेयी को दो वरदान मिले थे।

साहू ने कथा का प्रसंग सुनाते हुए कहा कि दासी मंथरा के बहकावे में आकर कैकेयी ने राजा दशरथ से उन्हीं दो वरदानों के रूप में राम के लिए 14 वर्ष का वनवास और भरत के लिए राजसिंहासन मांग लिया। कैकेयी के कोप भवन में जाने और दशरथ को वचनों में बांधने के कारण राम, सीता और लक्ष्मण को वन जाना पड़ा। हालांकि, भरत ने वह राज्य लेने से साफ इनकार कर दिया। अपने पिता के वचनों का पालन करने के लिए राम द्वारा सहे गए इस वनवास और संघर्ष ने ही उन्हें ‘मर्यादा पुरुषोत्तम’ बनाया और अधर्म का नाश कर धर्म की स्थापना की।

कार्यक्रम के दौरान मंच का सफल संचालन भुखन साहू ने किया। इस धार्मिक आयोजन में युवा नेता भोला महाराज, मनीष साहू, ओमप्रकाश साहू और संतोष साहू सहित बड़ी संख्या में ग्रामीण व श्रद्धालु उपस्थित रहे और राम कथा का श्रवण किया।

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