- सनसनीखेज खुलासा: इलाज के नाम पर ठगने और जमीन सौदे के विवाद में झोलाछाप डॉक्टर ने खोया आपा।
- पुलिस की महामुहिम: 5 टीमें, 200 से ज्यादा लोगों से पूछताछ और सैकड़ों CCTV खंगालने के बाद 5 दिन में सुलझी गुत्थी।
- ऐसे दिया वारदात को अंजाम: इलाज के बहाने घर में घुसा, पहले पति को मारा, फिर पानी लेकर आई पत्नी को भी उतार दिया मौत के घाट।
रायपुर:
अभनपुर के बिरोदा गांव में पांच दिन पहले हुई बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या की गुत्थी पुलिस ने सुलझा ली है। दिल दहला देने वाली इस वारदात का आरोपी कोई और नहीं, बल्कि गांव का ही एक झोलाछाप डॉक्टर निकला। मामूली तानों और जमीन सौदे के दस हजार रुपयों के विवाद में आरोपी ने पति-पत्नी दोनों को चाकू से गोदकर बेरहमी से मौत के घाट उतार दिया था। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया है, जिसने अपना जुर्म कबूल कर लिया है।
यह मामला तब सामने आया जब 16 जुलाई को प्रार्थी ईश्वर साहू ने अभनपुर थाने में रिपोर्ट दर्ज कराई कि गांव के गोडपारा निवासी भुखन ध्रुव और उनकी पत्नी रूखमणी ध्रुव अपने घर में मृत पड़े हैं। भुखन खाट पर तो रूखमणी दरवाजे के पास लहूलुहान अवस्था में थीं। दोनों के गले पर किसी धारदार हथियार से रेतने के गहरे निशान थे, जिसे देखकर लग रहा था कि किसी ने बड़ी बेरहमी से उनकी हत्या की है। प्रार्थी की रिपोर्ट पर थाना अभनपुर में अज्ञात आरोपी के विरुद्ध अपराध क्रमांक 265/25 धारा 103 बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की गई।
पुलिस की ताबड़तोड़ कार्रवाई ने खोला राज
बुजुर्ग दंपत्ति के इस अंधे कत्ल की घटना ने पूरे इलाके में सनसनी फैला दी थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस महानिरीक्षक रायपुर रेंज रायपुर अमरेश मिश्रा एवं पुलिस उप महानिरीक्षक व वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने तत्काल एक्शन लिया। उन्होंने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक अटल नगर नवा रायपुर विवेक शुक्ला, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक क्राईम संदीप मित्तल, उप पुलिस अधीक्षक क्राईम संजय सिंह, नगर पुलिस अधीक्षक नवा रायपुर कर्ण कुमार उके, प्रभारी एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना प्रभारी अभनपुर को आरोपी को जल्द से जल्द सलाखों के पीछे पहुंचाने के कड़े निर्देश दिए।
वरिष्ठ अधिकारियों के निर्देशन में एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट तथा थाना अभनपुर पुलिस की 05 अलग-अलग टीमों का गठन किया गया। खुद वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक डॉ. लाल उमेद सिंह ने टीम के साथ घटनास्थल का मुआयना किया। पुलिस ने फोरेंसिक टीम और डॉग स्क्वाड की मदद से जांच शुरू की। मृतक दंपत्ति के परिवार वालों, रिश्तेदारों और उनसे मिलने-जुलने वालों सहित लगभग 200 से अधिक लोगों से गहन पूछताछ की गई। सैकड़ों मोबाइल नंबरों का तकनीकी विश्लेषण किया गया और अभनपुर से लेकर सरहदी जिलों तक लगे सैकड़ों सीसीटीवी कैमरों के फुटेज खंगाले गए। पुलिस की टीमें 5 दिनों तक गांव में कैंप लगाकर हर पहलू की बारीकी से जांच कर रही थीं।
एक डॉक्टर पर टिकी शक की सुई
जांच के दौरान पुलिस को एक महत्वपूर्ण सुराग मिला। टीम को जानकारी प्राप्त हुई कि घटना के दिन शाम करीब 6 बजे एक डॉक्टर को मृतक दंपत्ति के घर से बाहर आते देखा गया था। इस जानकारी पर पुलिस ने जब उस डॉक्टर की पहचान की, तो वह धमतरी जिले के कोड़ापारा गांव का रहने वाला राकेश कुमार बारले निकला।
पूछताछ में टूटा और उगल दिया सच
पुलिस टीम ने राकेश कुमार बारले को हिरासत में लेकर पूछताछ शुरू की। शुरुआत में वह खुद को बेकसूर बताकर पुलिस को गुमराह करता रहा, लेकिन जब पुलिस ने उसके सामने सबूत रखे तो वह टूट गया। कड़ाई से पूछताछ करने पर उसने बुजुर्ग दंपत्ति की हत्या करने का जुर्म कबूल कर लिया।
ताने और पैसों का विवाद बना हत्या की वजह
आरोपी राकेश कुमार बारले ने जो कहानी बताई, वह हैरान करने वाली थी। उसने बताया कि वह पेशे से झोलाछाप डॉक्टर है और करीब दो साल से बिरोदा गांव में आर.के. मेडिकल के नाम से दुकान चला रहा था। लगभग एक महीने पहले, मृतिका रूखमणी ध्रुव हाथ दर्द का इलाज कराने उसके पास आई थी। इलाज और दवा देने के बाद भी जब रूखमणी का दर्द ठीक नहीं हुआ तो वह आरोपी से झगड़ा करने लगी। वह कहती थी, “तुम दूसरे गांव से आकर इलाज के नाम पर मुझे और गांव वालों को बेवकूफ बनाकर ज्यादा पैसे ले रहे हो।” रूखमणी लगातार उसे ताने मारती और गांव में उसकी बुराई करती थी।
इसके अलावा, आरोपी ने मृतक भूखन ध्रुव की जमीन का सौदा रायपुर के एक व्यक्ति से कराया था और बयाने के तौर पर 10,000 रुपये भूखन को दिलवाए थे। लेकिन कुछ दिनों बाद भूखन जमीन बेचने से मुकर गया और बयाने के 10,000 रुपये भी वापस नहीं कर रहा था, जिससे आरोपी परेशान था।
ऐसे दिया था खौफनाक वारदात को अंजाम
घटना वाले दिन मृतक भूखन ध्रुव आरोपी की दुकान पर बी.पी. चेक कराने आया और उसे घर आकर अपना व अपनी पत्नी का इलाज करने को कहा। शाम करीब 6 बजे जब आरोपी उनके घर पहुंचा, तो रूखमणी उसे देखते ही ताना मारने लगी कि “इसे इलाज करना नहीं आता, इसे क्यों बुलाए हो।” इसी बीच, आरोपी हाइड्रोसील से पीड़ित भूखन ध्रुव का इलाज करने के लिए उसे कमरे में खाट पर लेटाया और उसकी पत्नी को पानी गर्म करने के लिए किचन में भेज दिया। पुरानी बातों और मौके पर हुए अपमान से आरोपी का गुस्सा सातवें आसमान पर पहुंच गया और उसने आवेश में आकर अपने पास रखे चाकू से खाट पर लेटे भूखन के गले और छाती पर ताबड़तोड़ वार कर दिए। जब रूखमणी गर्म पानी लेकर लौटी, तो आरोपी ने उसी चाकू से उसके भी छाती और गले पर वार कर दोनों को मौत के घाट उतार दिया।
हत्या के बाद आरोपी अपने घर कोड़ापारा (कुरूद) गया, कपड़े बदले और हत्या में इस्तेमाल चाकू, खून से सने कपड़े और जूते को अभनपुर के एक नाले में फेंक दिया। किसी को शक न हो, इसलिए वह वापस बिरोदा आकर अपनी दुकान पर लोगों का इलाज करने लगा, जैसे कुछ हुआ ही न हो।
पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर उसकी निशानदेही पर घटना में प्रयुक्त चाकू, दोपहिया वाहन और अन्य सामान जब्त कर लिया है।
गिरफ्तार आरोपी: राकेश कुमार बारले पिता धनेश बारले उम्र 30 साल निवासी ग्राम कोड़ापारा थाना कुरूद जिला धमतरी।
सराहनीय भूमिका: इस अंधे कत्ल को सुलझाने में थाना प्रभारी अभनपुर निरीक्षक सत्येन्द्र सिंह श्याम, एण्टी क्राईम एण्ड साईबर यूनिट से प्रभारी निरीक्षक परेश कुमार पाण्डेय, उपनिरीक्षक सतीश पुरिया, सउनि. शंकर लाल ध्रुव, फूलचंद भगत, प्र.आर. जसवंत सोनी, वीरेन्द्र भार्गव, मार्तण्ड सिंह, उपेन्द्र कुमार यादव, सुरेश देशमुख, आशीष त्रिवेदी, संतोष दुबे, घनश्याम प्रसाद साहू, म.प्र.आर. बसंती मौर्य, आर. धनेश्वर कुर्रे, प्रवीण कुमार मौर्य, राकेश सोनी, मुनीर रजा, लक्ष्मीनारायण साहू, किसलय मिश्रा, विकास शर्मा, संतोष सिन्हा, आशीष पाण्डेय, अभिषेक सिंह तोमर, पुरूषोत्तम सिन्हा, टी.जी.आर. शंकर यादव तथा थाना अभनपुर से आर. सुधीर तिर्की की महत्वपूर्ण भूमिका रही।






