



दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
छत्तीसगढ़ प्रदेश सहकारी समिति कर्मचारी महासंघ रायपुर के आह्वान पर आज 4 नवंबर से दुर्ग संभाग के सात जिलों – दुर्ग, बालोद, बेमेतरा, राजनांदगांव, कबीरधाम, मोहला मानपुर, और खैरागढ़ के लगभग 2000 कर्मचारी मानस भवन धरना स्थल में अनिश्चितकालीन आंदोलन प्रारंभ कर चुके हैं। इन कर्मचारियों ने तीन सूत्रीय मांगों को लेकर आंदोलन की शुरुआत की है, जिसका प्रभाव आगामी धान खरीदी प्रक्रिया और किसानों को रबी सीजन में आवश्यक खाद एवं बीज उपलब्धता पर पड़ सकता है।
तीन सूत्रीय मांगे:
- धान में सुखद का प्रावधान किया जाए।
- मध्य प्रदेश की तर्ज पर प्रबंधकीय अनुदान के रूप में तीन-तीन लाख रुपये दिए जाएं।
- सेवा नियम 2018 का लंबित संशोधन शीघ्र किया जाए।
इस आंदोलन का सीधा असर प्रदेश भर में 14 नवंबर से शुरू होने वाली धान खरीदी प्रक्रिया पर पड़ेगा, जिससे किसानों को कठिनाई हो सकती है। किसानों को रबी सीजन में खाद-बीज और नगद की आवश्यकता होती है, जो इस आंदोलन के चलते प्रभावित होगी।
धरना स्थल पर प्रदेश महासचिव ईश्वर श्रीवास, प्रदेश कोषाध्यक्ष एवं दुर्ग जिला अध्यक्ष जागेश्वर साहू, प्रदेश उपाध्यक्ष गिरधर सोनी, गजेंद्र देशमुख, आरिफ खान, गंगादास मणिकपुरी, प्रदेश संगठन मंत्री एवं जिला अध्यक्ष मानपुर मोहला, खैरागढ़ जिला अध्यक्ष यशवंत वर्मा, कबीरधाम जिलाध्यक्ष घनश्याम चंद्रवंशी, बेमेतरा जिलाध्यक्ष जगमोहित साहू, राजनांदगांव जिलाध्यक्ष किसुन देवगाँन, जितेंद्र चंद्राकर, अवध साहू, यशवंत साहू, मोहित देशमुख, गणेश साहू, राकेश वर्मा और रोहित डेडसेना सहित अन्य प्रमुख पदाधिकारी और समिति के कर्मचारी मौजूद रहे।






