-
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में ग्रामीण महिलाओं को मिल रहे आजीविका के नए अवसर
-
जय कुमारी ने निजी तालाब में मछली पालन कर बढ़ाई अपनी आय
✍️ विशेष संवाददाता
सरगुजा | छत्तीसगढ़ राज्य ग्रामीण आजीविका मिशन ‘बिहान’ ग्रामीण महिलाओं को आर्थिक रूप से सशक्त और आत्मनिर्भर बनाने का प्रमुख आधार बन रहा है। मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व में संचालित इस मिशन से जुड़कर प्रदेश की महिलाएं कृषि, पशुपालन और मत्स्य पालन जैसी गतिविधियों के जरिए अपनी आय में वृद्धि कर रही हैं। इसी क्रम में सरगुजा जिले के लखनपुर विकासखंड के ग्राम गुमगराखुर्द की निवासी जय कुमारी ने मिसाल पेश की है। लक्ष्मी स्व-सहायता समूह की सदस्य जय कुमारी ने अपनी निजी भूमि पर तालाब का निर्माण कर मत्स्य पालन को आजीविका का माध्यम बनाया है और लखपति दीदी के रूप में अपनी नई पहचान बनाई है।
जय कुमारी ने अपनी निजी जमीन पर तालाब निर्माण के बाद मत्स्य पालन को पेशेवर तरीके से अपना लिया है। उन्हें बिहान योजना के माध्यम से मत्स्य विभाग से 50 प्रतिशत अनुदान पर मछली बीज उपलब्ध कराया गया है। सरकारी सहयोग मिलने से उन्हें अपनी मत्स्य पालन गतिविधि को विस्तार देने में बड़ी मदद मिली है। उन्होंने स्थानीय स्तर पर उपलब्ध जल संसाधनों का बेहतर उपयोग करते हुए अपने परिवार की आर्थिक स्थिति को सुधारा है। पुराने अनुभवों का लाभ उठाते हुए वे अब व्यवस्थित रूप से इस व्यवसाय को संचालित कर रही हैं, जिससे उनकी नियमित आमदनी सुनिश्चित हुई है।
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय द्वारा ग्रामीण महिलाओं की उन्नति के लिए चलाए जा रहे अभियानों ने जय कुमारी जैसे कई समूहों को आजीविका के नए अवसरों से जोड़ा है। जय कुमारी के अनुसार उन्हें पूर्व में भी इस गतिविधि से अच्छी आमदनी हुई थी, जिससे प्रेरित होकर उन्होंने इसे बड़े स्तर पर करने का निर्णय लिया। उनकी यह सफलता छत्तीसगढ़ शासन की योजनाओं और महिलाओं की कड़ी मेहनत के समन्वय को दर्शाती है। वर्तमान में वे मत्स्य पालन के जरिए अपने परिवार की आर्थिक व्यवस्था में महत्वपूर्ण योगदान दे रही हैं और अन्य महिलाओं के लिए प्रेरणा का स्रोत बनी हुई हैं।









