



जशपुर।
आमजनता से मिली सूचना पर जशपुर पुलिस ने त्वरित कार्यवाही करते हुए पशु तस्करी की बड़ी कोशिश को नाकाम किया। पशुओं से भरे पिकअप वाहन का फिल्मी अंदाज में पीछा कर उसके पहिये में कांटा डालकर पंचर किया गया और कुल आठ मवेशियों को सुरक्षित बचाया गया। तस्करी में प्रयुक्त पिकअप वाहन को जप्त कर लिया गया है, जबकि तस्कर मौके से फरार हो गए।
पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह द्वारा चलाए जा रहे मवेशी तस्करों के विरुद्ध विशेष अभियान के तहत पुलिस ने अब तक इस वर्ष में 630 मवेशियों को तस्करों से बचाया है। इसके अलावा 76 तस्करों को गिरफ्तार कर 27 पिकअप वाहनों को भी जप्त किया गया है। तस्करों द्वारा सबसे ज्यादा पिकअप वाहनों का उपयोग तस्करी के लिए किया जाता है।
दिनांक 18 नवंबर 2024 को प्रातः लगभग चार बजे पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह को मुखबिर से सूचना मिली कि पशुओं से भरा एक पिकअप वाहन छत्तीसगढ़ से झारखंड की ओर ले जाया जा रहा है। इस सूचना पर थाना लोदाम के निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे के नेतृत्व में एक टीम गठित की गई, जिसने तीन अलग-अलग गांवों और नेशनल हाईवे पर नाकाबंदी कर वाहनों की चेकिंग शुरू की।
इसी दौरान ग्राम भलमंडा के पास नेशनल हाईवे पर पिकअप वाहन क्र. जेएच 01 एफक्यू 3817 दिखाई दिया। पुलिस ने वाहन चालक को रोकने का प्रयास किया, लेकिन वह वाहन को 100-120 किमी प्रति घंटे की रफ्तार से भगाने लगा। पुलिस टीम ने काफी दूरी तक पीछा किया और आखिरकार पहिये में कांटा डालकर वाहन को पंचर कर दिया। इसके बाद तस्कर वाहन को छोड़कर जंगल में फरार हो गए।
वाहन की तलाशी लेने पर कुल आठ नग गौ-वंश मिले, जिन्हें जप्त कर सुरक्षित स्थान पर रखा गया है। थाना लोदाम में अज्ञात आरोपियों के खिलाफ छत्तीसगढ़ कृषि पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, 10 और पशु क्रूरता अधिनियम की धारा 11 के तहत मामला दर्ज किया गया है।
वाहन मालिक भी बनेंगे आरोपी
तस्करी में जप्त वाहन के मालिकों को भी आरोपियों की सूची में जोड़ा जा रहा है। जप्त अधिकांश वाहनों का रजिस्ट्रेशन झारखंड राज्य से हुआ है। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने कहा कि पशु तस्करी में जप्त सभी वाहन राजसात किए जा रहे हैं। अब तक 17 वाहनों को राजसात किया जा चुका है और अन्य पांच वाहनों के राजसात होने की प्रक्रिया जारी है।
इस कार्यवाही में निरीक्षक हर्षवर्धन चौरासे, प्रधान आरक्षक रत्नेश यदु, वितिन राम, सुभाष पैंकरा, प्राणंशकर भगत और अन्य स्टाफ का योगदान रहा। पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि तस्करों की गिरफ्तारी के लिए विशेष पुलिस टीम लगाई गई है।





