- गुरु पूर्णिमा पर जननी-बाला समागम का आयोजन
- सम्मेलन में उत्कृष्ट कार्य कर रही महिलाओं का सम्मान
- महिला स्वास्थ्य और लव जिहाद पर विशेष सत्र
भिलाई.
चरोदा प्रखंड स्थित सरस्वती शिशु मंदिर स्कूल में मातृशक्ति विश्व हिंदू परिषद द्वारा एक दिवसीय माँ-बेटी सम्मेलन का आयोजन किया गया। यह सम्मेलन गुरु पूर्णिमा के अवसर पर जननी-बाला समागम के तहत आयोजित हुआ, जिसका उद्देश्य महिलाओं को जागरूक, संगठित और आर्थिक स्वायत्तता की दिशा में प्रोत्साहित करना था। सम्मेलन में सैकड़ों मातृशक्तियों ने अपनी युवा बेटियों के साथ भाग लिया।
उद्घाटन सत्र में अतिथियों ने पूजन उपरांत अपना उद्बोधन दिया। वरिष्ठ समाजसेवी श्रीमती चंद्रावती और रुणा शर्मा ने ‘लव जिहाद’ विषय पर प्रबोधन किया। इसके बाद, हिंदू समाज में उत्कृष्ट कार्य कर रही मातृशक्तियों का सम्मान किया गया। श्रीमती मानसी गुलाटी ने महिला स्वास्थ्य पर जानकारी साझा की।
कार्यक्रम की मुख्य वक्ता, श्रीमती सरिता यादव, प्रांत संयोजिका मातृशक्ति, ने बताया कि विश्व हिंदू परिषद सभी हिंदुओं के मान बिंदुओं की रक्षा के लिए काम करता है। मातृशक्ति और दुर्गा वाहिनी इसके महत्वपूर्ण अंग हैं, जो मां और बेटी के रूप में संगठन में कार्यरत हैं। उन्होंने समाज में मां और बेटी के बीच आत्मीय संबंधों की महत्वपूर्ण भूमिका पर जोर दिया और बताया कि इन संबंधों के अभाव में समाज में विकृतियां उत्पन्न हो रही हैं।
समापन सत्र में भिलाई-3 चरोदा प्रखंड की सत्संग समितियों द्वारा सत्संग का आयोजन किया गया। इसके बाद, सभी दुर्गा वाहिनी की बहनों और बेटियों ने मातृशक्ति और अपनी माताओं को गुरु पूर्णिमा के शुभ अवसर पर आरती कर आशीर्वाद लिया। अंत में भारत माता की आरती के साथ कार्यशाला का समापन हुआ।
इस कार्यक्रम में जिला संयोजिका शशि बंछोर, जिला सह-संयोजिका अंकिता तिवारी, संगीता सोनवानी, चरोदा प्रखंड की मंजू तांडी, अंजलि पटनायक, पुष्पा सिंह, संजू सोनी, लक्ष्मी, सरोज, रजनी टांडी, शशि सोनवानी, रेखा, ममता, पूजा, माही, संगीता समेत सैकड़ों मातृशक्ति उपस्थित रहीं। इसके साथ ही चरोदा प्रखंड सह-संयोजिका चंद्रावती दीदी, चरोदा प्रखंड सह सेवा प्रमुख ईश्वरी दीदी और जामुल प्रखंड संयोजिका रुणा शर्मा के नाम की घोषणा भी की गई।










