



महासमुंद।
आमासिवनी निवासी निर्दोष हरीश कुमार साहू की हत्या के मामले में हरीश के परिवार और समर्थकों ने एसपी और कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा। ज्ञापन में न्याय की मांग करते हुए दोषियों पर कठोर कार्रवाई की मांग की गई है। घटना में पुलिस की देरी से पहुंचने और थाना प्रभारी की कथित अमानवीयता पर भी सवाल उठाए गए हैं।
ज्ञापन में बताया गया है कि विधानसभा रोड स्थित शराब भट्टी के पास कुछ अपराधियों द्वारा मारपीट की सूचना विधानसभा थाना बड़ौदा को दी गई थी। पुलिस के देरी से पहुंचने के कारण निर्दोष हरीश कुमार साहू का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी गई। टीआई यशवंत सिंह राजपूत पर आरोप है कि उन्होंने मृतक हरीश साहू के परिजनों—पिता लक्ष्मीनाथ साहू, चाचा अश्वनी साहू, और चचेरे भाई नवीन साहू—को हत्या का आरोपी बताकर थाना में गाली-गलौज और मारपीट की। इसके अलावा, जाति सूचक गालियां देते हुए साहू समाज के प्रतिनिधियों को अपमानित किया गया और धमकी दी गई कि उनका कोई कुछ नहीं कर सकता। ज्ञापन में टीआई यशवंत सिंह राजपूत के निलंबन की मांग की गई है।
ज्ञापन में हरीश साहू के परिवार के एक सदस्य को शासकीय नौकरी देने की मांग की गई है। इसके अलावा, छत्तीसगढ़ सरकार से एक करोड़ रुपये की अनुदान राशि देने की भी अपील की गई है। ज्ञापन में यह भी उल्लेख किया गया है कि हरीश कुमार ने मानवता के नाते रोहित सागर के इलाज में मदद की थी, लेकिन बाद में उन्हीं के परिजनों ने हरीश का अपहरण कर उनकी हत्या कर दी।
ज्ञापन में सद्दू विधानसभा रोड पर संचालित शराब भट्टी को तत्काल हटाने की मांग की गई है। साथ ही चेतावनी दी गई है कि यदि मांगों को शीघ्र पूरा नहीं किया गया तो 23 नवंबर 2024 को हजारों की संख्या में चक्का जाम किया जाएगा, जिसकी जवाबदेही शासन प्रशासन की होगी।
ज्ञापन सौंपने वालों में भाजपा प्रवक्ता अमित साहू, वरिष्ठ नेता पन्ना साहू, वार्ड पार्षद गोपेश साहू, भाजपा किसान नेता अश्वंत तुषार साहू, वरिष्ठ नेता अशोक सिंहा, रॉबिन साहू, सियाराम साहू, सागर साहू, हिमांशु वर्मा, राकेश चौहान, चेतन साहू, झुमका लाल साहू, डमलेश साहू, अश्वनी साहू और सतीश साहू समेत अन्य परिजन उपस्थित रहे।





