



रतलाम।
रतलाम के माणक चौक थाना क्षेत्र में चार माह के जुड़वा भाई-बहन की हत्या का मामला सुलझा लिया गया है। पुलिस ने खुलासा किया कि बच्चों की हत्या उनकी मां मुस्कान पति आमिर ने की थी, जबकि साक्ष्य छुपाने में उनके पति आमिर कुरैशी का हाथ था। शुक्रवार को एसपी अमित कुमार ने इस सनसनीखेज मामले का खुलासा करते हुए प्रेस कॉन्फ्रेंस में पूरी जानकारी साझा की।
हत्या का कारण
पुलिस की जांच में यह तथ्य सामने आया कि मुस्कान अपने जुड़वा बच्चों को संभालने में पति और सास से सहयोग न मिलने के कारण नाराज थी। घटना वाले दिन मोहल्ले में गमी होने के चलते सास और पति जब जाने लगे तो मुस्कान ने अकेले बच्चों को संभालने में असमर्थता जताई। बावजूद इसके, दोनों चले गए, जिससे आहत होकर मुस्कान ने दोनों बच्चों को पानी से भरी सिंटेक्स की टंकी में डालकर हत्या कर दी।

घटना का विवरण
पुलिस के अनुसार, पूछताछ में पता चला कि एक बच्चा जमीन पर लेटा हुआ था और दूसरा झूले में था। मुस्कान ने पहले एक बच्चे को टंकी में डाला और बाद में दूसरे बच्चे को भी। घटना के बाद मुस्कान ने अपने पति आमिर को फोन कर बच्चों के गायब होने की सूचना दी। आमिर कुरैशी अपने दोस्त के साथ घर आया और बच्चों को ढूंढा। बाद में उसने टंकी से दोनों बच्चों को निकाला, परंतु तब तक उनकी मृत्यु हो चुकी थी।
आमिर बच्चों को लेकर शैरानीपुर स्थित अपने ससुराल गया और वहां कब्रिस्तान में उन्हें दफना दिया। पुलिस को यह सूचना दी गई कि मुस्कान बीमार थी और दोनों बच्चे खेल-खेल में टंकी में गिर गए थे। हालांकि, पुलिस को संदेह होने पर पुनः जांच की गई और सच्चाई सामने आ गई। मामले में मुस्कान पति आमिर कुरैशी (25 वर्ष) पर हत्या का और आमिर कुरैशी (30 वर्ष) पर साक्ष्य छुपाने का प्रकरण दर्ज किया गया है।
मामले की जांच में सराहनीय भूमिका
एसपी अमित कुमार ने बताया कि एएसपी राकेश खाखा और सीएसपी सत्येंद्र घनघोरिया के मार्गदर्शन में माणक चौक थाना प्रभारी सुरेंद्र सिंह गडरिया और एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल के नेतृत्व में टीम गठित की गई थी। मामले को सुलझाने में एफएसएल अधिकारी अतुल मित्तल, निरीक्षक सुरेंद्र सिंह गडरिया, महिला थाना प्रभारी पार्वती गौड, उप निरीक्षक दीपक डामोर, प्रवीण वास्कले, एएसआई शिवनाथ सिंह राठौर, प्रधान आरक्षक मीना राठौर, अमित त्यागी, अमीर चंद, कैलाश परमार, हेमलता पुरोहित, मेघा राणा, वर्षा केथवास, संदीप शर्मा, हरिओम आकोदिया आदि की सराहनीय भूमिका रही।





