

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
गुरु रामदास जी के प्रकाशोत्सव के पावन अवसर पर अर्जुंदा बालोद के कृषक नरेश चंद्राकर ने खेती में उत्कृष्ट बहुफसलीय सेल्फप्रपोल्ड कंबाइंड हार्वेस्टिंग मशीन के.एस. 9300 मैजा कटर प्राप्त करके गर्व महसूस किया। आधुनिकता के इस दौर में के.एस. ग्रुप ऑफ कंपनी लगातार नए यंत्रों एवं उपयंत्रों का निर्माण कर देश की जीडीपी में योगदान दे रही है और किसानों के आर्थिक विकास में “मील का पत्थर” साबित हो रही है।
के.एस. 9300 मैजा कटर मशीन की विशेषता यह है कि यह एक ही मशीन द्वारा मक्का, धान, गेहूं और मसालों जैसी बहुफसली फसलों को सफलतापूर्वक काटकर दानों को अलग करती है, जिससे किसानों को कम रखरखाव में उच्च उत्पादन प्राप्त होता है। इस मशीन की सरलता और बहुपयोगी विशेषताएं इसे किसानों की पहली पसंद बनाती हैं।
मशीन की चाबी सौंपने के अवसर पर हेमचंद यादव यूनिवर्सिटी के कुलपति भूपेंद्र कुलदीप, अंतर्राष्ट्रीय साहित्यकार एम.जे.एफ. लायन डॉक्टर रौनक जमाल, कमला मोटर्स के संचालक के पुत्र सी. एम.ए. पद्मेश जैन, सेल्स प्रमोटर सत्य श्री लक्ष्मी नारायण चंद्राकर, शाखा प्रबंधक खेमचंद गुप्ता, पुजारी अजय चौधरी, मैकेनिक किशोर निषाद, आगंतुक नंदिता सावंत, के.एस. एग्रीकल्चर के फोरमैन दिलशाद खान और सहायक फोरमैन समीर खान उपस्थित रहे।
मशीन की डिलेवरी लेते समय अर्जुंदा बालोद के कृषक नरेश चंद्राकर, शुभम चंद्राकर, किनसुक चंद्राकर, हीरामण ठाकुर, कृपाल यादव और बलराम साहू भी मौजूद थे।
के.एस. एग्रीकल्चर की हार्वेस्टिंग मशीन जब सड़कों से गुजरती है, तो उसका इठलाता स्वरूप जनमानस का ध्यान स्वतः ही आकर्षित कर लेता है और सभी के होठों पर एक मीठी मुस्कान ला देता है।





