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अस्पताल प्रबंधन की चूक से मरीज को झेलनी पड़ी गंभीर कठिनाइयां
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विधायक के हस्तक्षेप के बाद मिली राहत
अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)
अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में प्रबंधन की लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है, जिसमें प्रतापपुर निवासी धरमचंद्र, जो पैर के गंभीर संक्रमण से जूझ रहे थे, की जान पर बन आई। पीड़ित को इलाज के लिए अंबिकापुर मेडिकल कॉलेज अस्पताल में भर्ती कराया गया था, लेकिन आश्चर्यजनक रूप से डॉक्टरों ने बिना पूरी तरह इलाज किए ही उन्हें डिस्चार्ज कर दिया।
अस्पताल प्रबंधन के इस रवैये से धरमचंद्र के परिजन हैरान और परेशान हो गए। अस्पताल ने मरीज को घर ले जाने के लिए एंबुलेंस की सुविधा भी प्रदान नहीं की। जब परिजन धरमचंद्र को बस स्टैंड ले गए, तो उनकी गंभीर हालत देखकर कोई भी बस चालक उन्हें बस में बैठाने को तैयार नहीं हुआ। धरमचंद्र घंटों बस स्टैंड पर जमीन पर पड़े रहे, और उनके परिजन सहायता के लिए इधर-उधर भागते रहे, लेकिन कोई मदद नहीं मिली।
इस बीच, प्रतापपुर की विधायक शकुंतला पोर्ते को जब इस घटना की जानकारी मिली, तो उन्होंने तत्काल अस्पताल प्रबंधन को मरीज को दोबारा भर्ती करने के निर्देश दिए। विधायक के हस्तक्षेप के बाद, धरमचंद्र को अस्पताल में फिर से भर्ती किया गया और उनका इलाज शुरू हुआ। इस घटना ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही को उजागर किया है, जिससे भविष्य में ऐसी घटनाओं को रोकने के लिए गंभीर कदम उठाने की जरूरत है।








