

- विश्व शौचालय दिवस 2024 के अवसर पर देऊरझाल गांव में व्यापक स्वच्छता अभियान सफल
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
पाटन ब्लॉक के देऊरझाल गांव में विश्व शौचालय दिवस 2024 के अवसर पर सामुदायिक स्वच्छता और पर्यावरण सुधार की दिशा में एक नई और महत्त्वपूर्ण पहल की गई। वाटरएड इंडिया, स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) और स्थानीय पंचायत के सहयोग से इस अभियान का संचालन किया गया, जिसके तहत गांव में स्वच्छता और पर्यावरण संरक्षण से जुड़े कई महत्त्वपूर्ण कार्य संपन्न हुए।
इस अभियान के अंतर्गत देऊरझाल गांव में सामुदायिक मैजिक पीट का निर्माण किया गया, जो भूरे जल के प्रभावी नियंत्रण का एक समाधान साबित हुआ। इससे खुले में बहते पानी की समस्या पर नियंत्रण पाने में मदद मिली, जिससे मच्छरों और जलजनित रोगों की समस्या में कमी आई। इसके अलावा, गांव में जल स्रोत प्लेटफॉर्म की मरम्मत और सोक पीट का निर्माण भी किया गया, जिससे पानी के बेहतर प्रबंधन और स्वच्छता सुनिश्चित हो सकी।
गांव के 32 परिवारों के शौचालयों का रेट्रोफिटिंग कार्य भी इस अभियान का हिस्सा था। पुराने और जर्जर शौचालयों को दो पीट वाले शौचालयों में बदलने का कार्य सफलतापूर्वक संपन्न हुआ। शौचालयों की ऊंचाई बढ़ाने, उचित वेंटिलेशन की व्यवस्था करने और सेप्टिक टैंकों को सोक पीट से जोड़ने जैसे सुधार कार्य किए गए। इन उपायों से शौचालय अब अधिक टिकाऊ और उपयोगी बन गए हैं, जिससे गांववासियों को स्वच्छता की दिशा में लंबे समय तक लाभ मिलेगा।
वाटरएड इंडिया की भूमिका वाटरएड इंडिया ने इस अभियान में तकनीकी सहायता और सामुदायिक जागरूकता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई। उन्होंने गांववासियों को इनोवेटिव समाधान समझाने और उनके महत्व के बारे में जागरूक करने के लिए कई कार्यशालाओं का आयोजन किया। इस परियोजना के लिए वित्तीय प्रबंध और तकनीकी सहयोग भी वाटरएड इंडिया द्वारा प्रदान किया गया।
स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) का योगदान स्वच्छ भारत मिशन (ग्रामीण) ने मार्गदर्शन और तकनीकी सहायता प्रदान की, जिससे गांव को खुले में शौच से मुक्त करने और स्वच्छता मानकों को स्थापित करने में सहायता मिली।
स्थानीय पंचायत की भूमिका स्थानीय पंचायत ने इस अभियान में नेतृत्व की भूमिका निभाई। उन्होंने समुदाय को प्रेरित किया और उनकी सक्रिय भागीदारी सुनिश्चित की। पंचायत ने न केवल योजना को लागू करने में मदद की, बल्कि सामुदायिक प्रयासों को संगठित कर अभियान की सफलता में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई।
देऊरझाल गांव में सामुदायिक सहयोग और संस्थागत समर्थन से स्वच्छता और पर्यावरण सुधार का यह अभियान एक सफल उदाहरण है। इस तरह के सामूहिक प्रयास न केवल स्वच्छता में सुधार लाएंगे, बल्कि गांव के स्वास्थ्य और जीवन गुणवत्ता को भी बेहतर बनाएंगे। यह अभियान आत्मनिर्भर और स्वच्छ गांवों की दिशा में एक महत्त्वपूर्ण कदम है।






