

बीजापुर। छत्तीसगढ़ के बीजापुर जिले का सुदूरवर्ती क्षेत्र पालनार, जो अब तक विकास की मुख्यधारा से वंचित रहा था, आज एक ऐतिहासिक क्षण का गवाह बना। प्रदेश के उप मुख्यमंत्री विजय शर्मा ने इस क्षेत्र का दौरा कर न केवल विकास कार्यों का जायजा लिया, बल्कि गांववासियों की समस्याओं से भी रूबरू हुए। शर्मा ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार का लक्ष्य इन दूरस्थ क्षेत्रों में भी बुनियादी सुविधाओं को पहुंचाना है, ताकि यहां के निवासियों को भी बेहतर जीवन का अवसर मिल सके।
जनसमस्या निवारण शिविर का आयोजन:
पालनार में आयोजित जनसमस्या निवारण शिविर में उप मुख्यमंत्री ने विभिन्न सरकारी योजनाओं के स्टॉलों का निरीक्षण किया। राशन कार्ड, आधार कार्ड, आयुष्मान कार्ड, वन अधिकार पत्र, महतारी वंदना योजना, प्रधानमंत्री जीवन ज्योति योजना, और किसान क्रेडिट कार्ड जैसी योजनाओं के लाभ ग्रामीणों तक पहुंचाने के लिए विभागीय अधिकारियों ने स्टॉल लगाए थे। उप मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से सीधे बातचीत कर उनकी समस्याओं को समझा और तुरंत समाधान के निर्देश दिए।
शिक्षा और स्वच्छ पेयजल की दिशा में प्रयास:
उप मुख्यमंत्री शर्मा ने प्राथमिक शाला पालनार का दौरा कर बच्चों को पढ़ाई के प्रति जागरूक किया। उन्होंने बच्चों से उनके माता-पिता के नाम लिखने को कहा और मन लगाकर पढ़ाई करने के लिए प्रेरित किया। इसके अलावा, उन्होंने नियद नेल्लानार योजना के तहत हैंडपंपों के माध्यम से शुद्ध पेयजल की उपलब्धता की भी समीक्षा की और इस दिशा में और सुधार के निर्देश दिए।
ग्रामीणों की समस्याओं को सुना:
पालनार, तोड़का, सांवनार, पदेड़ा और गंगालूर के ग्रामीणों ने उप मुख्यमंत्री के समक्ष बिजली, पानी, राशन दुकान और सड़क जैसी बुनियादी सुविधाओं की मांग रखी। शर्मा ने कहा, “ये आपकी बुनियादी सुविधाएं हैं और इन्हें उपलब्ध कराना सरकार की जिम्मेदारी है।” उन्होंने सभी समस्याओं को प्राथमिकता से हल करने का आश्वासन दिया और ग्रामीणों से सरकारी योजनाओं का पूरा लाभ उठाने का आह्वान किया।
मोहल्लों में टीवी और सोलर सिस्टम की घोषणा:
उप मुख्यमंत्री ने पालनार के सभी मोहल्लों में सोलर सिस्टम और टीवी सेट उपलब्ध कराने की घोषणा की। उन्होंने कहा कि इन उपकरणों से ग्रामीणों को न केवल सूचना और मनोरंजन की सुविधाएं मिलेंगी, बल्कि बच्चों की शिक्षा में भी सहायता होगी।
सिविक एक्शन और मेडिकल कैम्प का आयोजन:
सिविक एक्शन कार्यक्रम के तहत ग्रामीणों को खाद्यान्न, वस्त्र और खेल सामग्री वितरित की गईं, जिससे उनकी दैनिक आवश्यकताओं को पूरा किया जा सके। साथ ही, केन्द्रीय रिजर्व पुलिस बल (केरिपु बल) की 222वीं बटालियन ने एक मेडिकल कैम्प का आयोजन किया, जिसमें सैकड़ों ग्रामीणों को स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराई गईं। इस कैम्प में स्वास्थ्य जांच, मुफ्त दवाइयों का वितरण और जागरूकता कार्यक्रम शामिल थे।
विकास कार्यों की समीक्षा:
उप मुख्यमंत्री ने नियद नेल्लानार योजना के तहत चल रहे सड़कों, बिजली, स्कूल और आंगनवाड़ी के कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने कहा कि सुरक्षा कैम्पों के स्थापित होने से बुनियादी सुविधाओं की उपलब्धता बढ़ रही है, जिससे ग्रामीणों में खुशी की लहर है और सरकार के प्रति विश्वास भी बढ़ रहा है। उन्होंने कहा, “यह सुशासन का सूर्योदय है, और हम इसे पूरे राज्य में लाने के लिए प्रतिबद्ध हैं।”
नए युग की शुरुआत:
शर्मा ने ग्रामीणों को रायपुर आने का निमंत्रण देते हुए उन्हें जागरूक और आत्मनिर्भर बनने की अपील की। उन्होंने कहा कि सरकार का उद्देश्य इन दूरस्थ क्षेत्रों के बच्चों को भी बेहतर शिक्षा और जीवन स्तर प्रदान करना है, ताकि वे समाज और देश के विकास में अपना योगदान दे सकें।
इस दौरे में बस्तर संभागायुक्त डोमन सिंह, आईजी पी सुंदरराज, एसपी डॉ. जितेन्द्र यादव, सीईओ जिला पंचायत हेमंत रमेश नंदनवार, आईपीएस वैभव बैंकर सहित जिला एवं पुलिस प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और सीआरपीएफ के अधिकारीगण मौजूद थे।







