जशपुर।
गौ तस्करी के खिलाफ जशपुर पुलिस का ‘ऑपरेशन शंखनाद’ लगातार जारी है। इसी कड़ी में पुलिस को एक बड़ी सफलता मिली है, जहां लोदाम थाना क्षेत्र में तस्करों के चंगुल से 7 गौ वंशों को सकुशल मुक्त कराया गया। पुलिस ने मौके से गौ वंशों को बरामद कर उनका उपचार कराया है, जबकि तस्कर जंगल का फायदा उठाकर फरार हो गए, जिनकी तलाश की जा रही है।
ऐसे चला पूरा ऑपरेशन
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक जशपुर शशि मोहन सिंह के नेतृत्व और दिशा-निर्देशन में चल रहे इस अभियान के तहत, बीते दिनों 29 जुलाई को लोदाम पुलिस को मुखबिर से पुख्ता सूचना मिली थी। जानकारी मिली कि कुछ व्यक्ति चराईडांड और डूमरटोली के जंगलों के रास्ते गौ वंशों को झारखंड की ओर ले जा रहे हैं। सूचना की गंभीरता को देखते हुए, लोदाम पुलिस की एक टीम तुरंत बताए गए स्थान पर रवाना हुई।
जंगल में घेरकर पकड़ने की कोशिश, तस्कर फरार
पुलिस टीम जब मौके पर पहुंची, तो उन्होंने देखा कि कुछ व्यक्ति 7 गौ वंशों को बेरहमी से मारते-पीटते हुए आगे बढ़ा रहे थे। पुलिस ने तुरंत घेराबंदी कर आरोपियों को पकड़ने का प्रयास किया, लेकिन पुलिस को देखते ही तस्कर जंगल का फायदा उठाकर भाग निकले। हालांकि, पुलिस ने इन आरोपियों की पहचान कर ली है और उन्हें जल्द ही गिरफ्तार करने का दावा किया है।
बरामद गौ वंशों का कराया उपचार, मामला दर्ज
पुलिस ने मौके से सभी 7 गौ वंशों को सकुशल बरामद कर लिया। उनके स्वास्थ्य की जांच के लिए पशु चिकित्सक को बुलाया गया और गौ वंशों का उचित उपचार कराया गया। इस मामले में लोदाम पुलिस ने फरार आरोपियों के विरुद्ध छत्तीसगढ़ कृषक पशु परिरक्षण अधिनियम 2004 की धारा 4, 6, और 10 के तहत अपराध पंजीबद्ध कर जांच-विवेचना शुरू कर दी है।
‘ऑपरेशन शंखनाद’ जारी रहेगा: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक
इस कार्रवाई में थाना प्रभारी लोदाम हर्षवर्धन चौरासे, उप निरीक्षक संजीव कुमार कायता, आरक्षक हेमंत कुजूर, सुभाष पैंकरा और जशवंत मिंज की महत्वपूर्ण भूमिका रही। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शशि मोहन सिंह ने बताया कि ‘ऑपरेशन शंखनाद’ के तहत पुलिस लगातार सक्रिय है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशु तस्करी में संलिप्त किसी भी व्यक्ति को बख्शा नहीं जाएगा और इस पर लगाम लगाने के लिए मुखबिर तंत्र को और मजबूत किया जा रहा है। पुलिस का यह अभियान लगातार जारी रहेगा।






