

-
बिन्द्रानवागढ़ विधायक ने बलौदाबाजार हिंसा मामले में भाजपा सरकार पर लगाए गंभीर आरोप, कांग्रेस द्वारा 33 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित
गरियाबंद।
छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी के निर्देश पर राज्य के लगभग 33 जिलों में प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित की जा रही हैं। इसी कड़ी में गुरुवार को बिन्द्रानवागढ़ के विधायक जनक ध्रुव ने जिला मुख्यालय के सर्किट हाउस में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का आयोजन किया। इस अवसर पर उन्होंने बलौदाबाजार में हुई हिंसक घटना और भिलाई नगर के विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी को लेकर भाजपा सरकार पर कड़े आरोप लगाए।
विधायक ध्रुव ने प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि भाजपा सरकार अपनी नाकामी और पूरे देश में हुई बदनामी को छुपाने के लिए विपक्षी नेताओं को परेशान कर रही है। उन्होंने भाजपा सरकार पर आरोप लगाया कि देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी केवल भाजपा की बौखलाहट को दर्शाती है, क्योंकि यादव न तो किसी प्रदर्शन में शामिल थे और न ही उन्होंने किसी तरह का भाषण दिया था। वह केवल भीड़ के बीच कुछ मिनट रुकने के बाद वहां से चले गए थे।
कांग्रेस पार्टी का कहना है कि देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के लिए कोई ठोस सबूत नहीं है, और भाजपा सरकार इस गिरफ्तारी के माध्यम से अपने अलोकतांत्रिक चरित्र को उजागर कर रही है। विधायक ध्रुव ने कहा कि भाजपा सरकार के कार्यकाल में छत्तीसगढ़ में अलोकतांत्रिक रवैया अपनाया जा रहा है, जिसमें विपक्षी नेताओं को झूठे मामलों में फंसाया जा रहा है।
क्या है बलौदाबाजार हिंसा की घटना:
बलौदाबाजार जिले के गिरौदपुरी स्थित सतनामी समाज के धार्मिक स्थल ‘जैतखंभ’ में 15-16 मई की दरमियानी रात अज्ञात लोगों द्वारा तोड़फोड़ की गई थी। इस घटना के बाद सतनामी समाज ने सीबीआई जांच की मांग की थी। 10 जून को बलौदाबाजार में इस मांग को लेकर एक धरना प्रदर्शन आयोजित किया गया, जो अचानक हिंसक हो गया। आंदोलनकारियों ने कई वाहनों को आग के हवाले कर दिया और सरकारी कार्यालयों में तोड़फोड़ की। इस घटना में कई पुलिसकर्मी भी घायल हुए।
विधायक देवेंद्र यादव की गिरफ्तारी के विरोध में छत्तीसगढ़ प्रदेश कांग्रेस कमेटी ने राज्य के 33 जिलों में जिला स्तरीय प्रेस कॉन्फ्रेंस आयोजित करने का निर्देश जारी किया था। गरियाबंद जिले में बिन्द्रानवागढ़ विधायक जनक ध्रुव और राजिम के पूर्व विधायक अमितेश शुक्ल को जिम्मेदारी सौंपी गई थी। हालांकि, सर्किट हाउस में आयोजित प्रेस कॉन्फ्रेंस में अमितेश शुक्ल की अनुपस्थिति के बावजूद, वरिष्ठ कांग्रेस कार्यकर्ता युगल पांडेय, केशु सिन्हा, दिलीप सिन्हा और डीलेश्वर देवांगन की उपस्थिति रही।






