17 सितम्बर 2026 |
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दुर्ग जिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप: बुखार को बताया किडनी-लीवर खराब, कांग्रेस ने की जांच की मांग

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OM Darpan

Jun 14, 2026 06:14 am 286 views
दुर्ग जिला अस्पताल पर लापरवाही का आरोप: बुखार को बताया किडनी-लीवर खराब, कांग्रेस ने की जांच की मांग
दुर्ग जिला अस्पताल लापरवाही मामले में कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने जांच की मांग की दुर्ग जिला अस्पताल लापरवाही मामले में कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने जांच की मांग की दुर्ग जिला अस्पताल लापरवाही मामले में कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने जांच की मांग की    
  • डॉक्टर पर मरीज को गुमराह करने और बिना जांच गलत तरीके से रेफर करने का आरोप

  • कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने सिविल सर्जन को सौंपी लिखित शिकायत

  • निजी अस्पताल की जांच में छात्रा को निकला सामान्य बुखार

  दुर्ग (ओम दर्पण न्यूज)। दुर्ग जिला अस्पताल लापरवाही का एक गंभीर मामला सामने आया है। प्रदेश कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने आरोप लगाया है कि 5 जून की रात 11 बजे तेज बुखार से पीड़ित नीट छात्रा आलिया खान को ड्यूटी डॉक्टर ने किडनी और लीवर खराब होने का दावा करते हुए मेकाहारा रायपुर रेफर कर दिया। जिला अस्पताल दुर्ग जिले की प्रमुख स्वास्थ्य सुविधा में शामिल है। जिले की स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी आधिकारिक जानकारी दुर्ग जिला प्रशासन के स्वास्थ्य पेज पर उपलब्ध है।
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निजी अस्पताल की जांच में सामान्य बुखार की हुई पुष्टि

डॉक्टर की बात सुनकर डरे हुए परिजन छात्रा को निजी अस्पताल चंदूलाल चंद्राकर ले गए। वहां हुई चिकित्सा जांच में सामने आया कि छात्रा को केवल सामान्य बुखार था। निजी अस्पताल में इलाज के बाद छात्रा अब पूरी तरह स्वस्थ होकर घर लौट आई है। इस मामले के सामने आने के बाद दुर्ग जिला अस्पताल लापरवाही को लेकर सवाल उठ रहे हैं। परिजनों और शिकायतकर्ताओं का कहना है कि बिना ठोस जांच के गंभीर बीमारी बताकर रेफर करना मरीज और परिवार के लिए मानसिक परेशानी का कारण बन सकता है।
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सिविल सर्जन ने दिया दो दिन में जांच का आश्वासन

कांग्रेस सचिव अय्यूब खान ने एक प्रतिनिधिमंडल के साथ सिविल सर्जन डॉक्टर मिंज से मुलाकात कर इस मामले की लिखित शिकायत दर्ज कराई। सिविल सर्जन ने पूरे प्रकरण की दो दिन के भीतर जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। अय्यूब खान ने डॉक्टर पर मरीज को गुमराह करने, दुर्व्यवहार करने और बिना किसी ठोस जांच के रेफर करने के आरोप में तत्काल विभागीय कार्रवाई की मांग की है। उन्होंने कहा कि इस तरह की घटनाओं से सरकारी अस्पतालों के प्रति गरीब मरीजों का भरोसा कम होगा। प्रतिनिधिमंडल में मो. रफीक, अज्जू वाजिद, रुक्कैया, अनीस अकील चौहान और अख्तर चौहान प्रमुख रूप से शामिल रहे।   स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़ी राज्य स्तरीय जानकारी के लिए छत्तीसगढ़ स्वास्थ्य विभाग की आधिकारिक वेबसाइट देखी जा सकती है। वहीं, स्वास्थ्य से जुड़ी अन्य खबरें ओम दर्पण हेल्थ सेक्शन में पढ़ी जा सकती हैं।
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