ठाणे।
बदलापुर यौन उत्पीड़न के आरोपी अक्षय शिंदे की पुलिस हिरासत में गोली लगने से हुई मौत ने कई गंभीर प्रश्न खड़े कर दिए हैं। इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने दावा किया है कि आत्मरक्षा में फायरिंग की गई, जबकि सांसद सुप्रिया सुले ने इस मामले में पुलिस की कहानी पर सवाल उठाए हैं।
मंगलवार को इंस्पेक्टर संजय शिंदे ने बताया कि अक्षय ने पुलिस वैन के अंदर पिस्तौल छीनने की कोशिश की थी और कहा था, “मैं किसी को नहीं बख्शूंगा।” पुलिस ने जवाबी कार्रवाई में गोली चलाई, जिससे अक्षय की मौत हो गई।
बदलापुर में एक स्कूल में दो नाबालिग लड़कियों के यौन उत्पीड़न के मामले की जांच कर रही एसआईटी ने अक्षय के खिलाफ हत्या के प्रयास का मामला दर्ज किया है। इंस्पेक्टर शिंदे ने शिकायत में कहा कि अक्षय ने पुलिसकर्मियों से गाली-गलौज की, जिसके बाद स्थिति हाथापाई में बदल गई। उन्होंने आगे बताया कि जब वैन मुंब्रा बाईपास पर थी, तो अक्षय ने एपीआई नीलेश मोरे की पिस्तौल छीनने की कोशिश की। इस हाथापाई में गोली चल गई और एपीआई मोरे घायल हो गए।
अक्षय के परिवार ने पुलिस की कहानी को चुनौती देते हुए इसे फर्जी मुठभेड़ करार दिया है। अक्षय के पिता ने बॉम्बे हाईकोर्ट का रुख कर मामले की स्वतंत्र जांच की मांग की है।
राकांपा (सपा) सांसद सुप्रिया सुले ने इस घटना को लेकर महाराष्ट्र सरकार पर आरोप लगाए और कहा, “जिस आरोपी का चेहरा काले कपड़े से ढका हुआ था, वह चलती गाड़ी में एक पुलिसकर्मी की पिस्तौल कैसे छीन सकता है?” उन्होंने सीसीटीवी फुटेज को सार्वजनिक करने की मांग भी की।
उपमुख्यमंत्री अजित पवार ने विपक्षी नेताओं पर पलटवार करते हुए कहा, “वे पहले कहते थे कि महिलाएं असुरक्षित हैं और अब पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठा रहे हैं।”
“अक्षय की शारीरिक भाषा से स्पष्ट था कि वह सभी को मारने की कोशिश करेगा। इसलिए, मैंने आत्मरक्षा में गोली चलाई।”
– इंस्पेक्टर संजय शिंदे
“अगर घटना का सीसीटीवी फुटेज है तो उसे सार्वजनिक किया जाना चाहिए।”
– सांसद सुप्रिया सुले






