अंबिकापुर (पंकज शुक्ला)।
थाना मणिपुर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए चोरी हुए पीकप वाहन के मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस ने 100 से अधिक सीसीटीवी फूटेज का अवलोकन करने के बाद वाहन खगड़िया, बिहार से बरामद किया। इस मामले में पूर्व पीकप मालिक और उसके चालक पर सख्त कार्रवाई की गई है। चोरी में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन समेत कुल 20 लाख रुपये की संपत्ति भी बरामद की गई है।
पीड़िता संध्या, निवासी भाथुपारा, मणिपुर ने 14 सितंबर 2024 को थाना मणिपुर में रिपोर्ट दर्ज कराई। उन्होंने बताया कि 13-14 सितंबर की रात उनके घर के सामने खड़ा उनका पीकप वाहन (क्रमांक यूपी/64/बीटी/1998) चोरी हो गया। पुलिस ने धारा 303(2) बी.एन.एस. के तहत मामला दर्ज कर जांच शुरू की।
पुलिस की कार्रवाई
जांच के दौरान, पुलिस ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और आस-पास के सीसीटीवी फुटेज का अवलोकन कर, साइबर सेल से तकनीकी जानकारी प्राप्त की। मुखबिरों की सहायता से आरोपी की पहचान की गई। पुलिस ने आरोपी शिवशंकर विश्वकर्मा (उम्र 21 वर्ष, निवासी डुमरिया, भटगांव, सूरजपुर) को गिरफ्तार किया। पूछताछ में शिवशंकर ने पीकप वाहन चोरी की बात कबूल की और बताया कि पूर्व मालिक राहुल सिंह ने चोरी के लिए वाहन की चाबी दी थी।
आरोपी शिवशंकर ने बताया कि राहुल सिंह (उम्र 28 वर्ष, निवासी भटगांव, सूरजपुर) के कहने पर उसने पीकप वाहन चुराया और खगड़िया, बिहार में छिपा दिया। पुलिस ने राहुल सिंह को भी गिरफ्तार किया, जिसने एक्सीडेंट के बदले वाहन चुराने की साजिश रची थी।
आरोपियों से बरामदगी
पुलिस ने खगड़िया, बिहार से चोरी किया गया पीकप वाहन बरामद किया। इसके अलावा घटना में प्रयुक्त स्कार्पियो वाहन (क्रमांक डीएल/12/सीए/5428), डीजल का डिब्बा और अन्य सामग्री भी जब्त की गई। कुल बरामद सामग्री की कीमत लगभग 20 लाख रुपये आंकी गई है।
टीम की सराहनीय भूमिका
इस पूरी कार्रवाई में थाना मणिपुर के प्रभारी निरीक्षक दुर्गेश्वरी चौबे, सहायक उप निरीक्षक नवल दुबे, प्रधान आरक्षक पीताम्बर सिंह, आरक्षक उमाशंकर साहू, अतुल शर्मा, मुकेश चौधरी, कुश सोनी, कंट्रोल रूम के प्रधान आरक्षक गणेश कदम, साइबर सेल से अशोक यादव, लालदेव सिंह, विकास मिश्रा, अनुज जायसवाल और रमेश राजवाड़े की महत्वपूर्ण भूमिका रही।









