रायपुर।
प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शराब घोटाला मामले में जेल में बंद आरोपी अनवर ढेबर के तीन करीबियों के 6 ठिकानों पर छापेमारी की। छापेमारी के दौरान कई दस्तावेज, नकदी और डिजिटल डिवाइस जब्त किए गए हैं।

ईडी की ओर से जारी प्रेस रिलीज में बताया गया कि इस छापेमारी में गरियाबंद के आबिद ढेबर, मोहम्मद हसन रजा मेमन के अलावा मैनपुर के मोहम्मद गुलाम मेमन, सरफराज मेमन और मोहम्मद हसन रजा मेमन, रायपुर के सरफराज मेमन के ठिकानों पर भी दबिश दी गई थी।
ईडी ने जांच में पाया कि शराब से प्राप्त नकदी का इस्तेमाल कई अचल संपत्तियां बेहद सस्ती दरों पर खरीदी गईं। छापेमारी के दौरान कई परिसरों से करेंसी नोट गिनने की मशीनें भी जब्त की गईं।
वहीं, रांची के 6 ठिकानों पर भी ईडी की रेड चल रही है, जहां अब तक 20 से 30 करोड़ रुपये की नकदी बरामद होने की बात सामने आई है। इन नोटों की गिनती लगातार जारी है और ज्यादातर नोट 500 रुपये के पाए गए हैं। इसके अलावा ज्वेलरी भी बरामद की गई है।
यह रेड वीरेंद्र के. राम से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग के मामले में की गई है। वीरेंद्र के. राम, जो झारखंड ग्रामीण विकास विभाग के पूर्व चीफ इंजीनियर हैं, पिछले साल फरवरी से जेल में बंद हैं। उन पर ग्रामीण विकास विभाग की कई परियोजनाओं में अनियमितताएं बरतने का आरोप है। 2019 में उनके सहयोगी के यहां से नकदी बरामद हुई थी, जिसके बाद ईडी ने मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया। ईडी ने आरोप लगाया कि वीरेंद्र राम ने ठेकेदारों को टेंडर देने के बदले कमीशन के रूप में आपराधिक आय इकट्ठी की।







