15 सितम्बर 2026 |
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एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में बदलाव से संकट: स्कूल शुरू, किताबें अब भी गायब

OM Darpan

Apr 20, 2025 07:36 pm 304 views
एनसीईआरटी पाठ्यक्रम में बदलाव से संकट: स्कूल शुरू, किताबें अब भी गायब

किताबों का इंतज़ार

रायपुर। 

राष्ट्रीय शैक्षिक अनुसंधान और प्रशिक्षण परिषद (एनसीईआरटी) ने इस वर्ष कक्षा चौथी, पांचवीं, सातवीं और आठवीं के पाठ्यक्रमों में बदलाव किया है। पाठ्यक्रम में इस बदलाव के चलते अब तक इन कक्षाओं की किताबें बाजार में उपलब्ध नहीं हो पाई हैं।

 नई नीति के अनुरूप ब्रिज कोर्स

एनसीईआरटी द्वारा एक ब्रिज कोर्स भी तैयार किया गया है जो नई शिक्षा नीति और संशोधित पाठ्यक्रम को ध्यान में रखते हुए छात्रों को अगली कक्षा में प्रवेश से पहले तैयार करता है। यह ब्रिज कोर्स मुख्य रूप से कक्षा पांचवीं, छठवीं, सातवीं और आठवीं के लिए बनाया गया है।

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 स्कूल शुरू, अभिभावक परेशान

एक अप्रैल से नए सत्र की शुरुआत हो चुकी है। इस बीच, कई स्कूल अभिभावकों पर दबाव बना रहे हैं कि वे बच्चों के लिए किताबें लेकर भेजें। इससे अभिभावक चिंता में हैं, क्योंकि अभी तक किताबें उपलब्ध नहीं हैं। स्कूल शिक्षा विभाग ने जिला शिक्षा अधिकारियों को निर्देशित किया है कि सीबीएसई से संबद्ध स्कूलों में एनसीईआरटी की पाठ्य पुस्तकों का ही उपयोग सुनिश्चित किया जाए।

"ब्रिज कोर्स" से हो रही पढ़ाई

केंद्रीय विद्यालय-1 के प्राचार्य अशोक चंद्राकर ने बताया कि इस बार एनसीईआरटी ने सभी कक्षा के छात्रों के लिए ब्रिज कोर्स उपलब्ध कराया है। इस कोर्स के तहत पिछली कक्षा के कुछ विषयों को दोहराया जा रहा है और छात्रों को उन्हें रिकॉल कराया जा रहा है।

किताबों की छपाई में देरी

सीबीएसई से जुड़े स्कूलों के शिक्षकों का कहना है कि उनके पास जो किताबें उपलब्ध हैं, वे फिलहाल उन्हीं से पढ़ा रहे हैं। उन्होंने यह भी कहा कि पाठ्यक्रम में बदलाव के चलते नई किताबें पूरी तरह से छप नहीं पाई हैं, जिससे छात्रों को नई किताबें मिलने में देर हो रही है। इससे सीबीएसई और केंद्रीय विद्यालयों में अध्ययनरत हजारों विद्यार्थियों को दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। इस बार हिंदी, अंग्रेजी, गणित, विज्ञान और सामाजिक विज्ञान के पाठ्यक्रम में बदलाव किया गया है। छात्रों को ये नई किताबें जुलाई तक मिलने की संभावना है।

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