- सरगुजा पुलिस के वरिष्ठ आरक्षकों को अपराध विवेचना का ज्ञान, 156 आरक्षकों ने प्राप्त किया प्रशिक्षण
पंकज शुक्ला/अंबिकापुर
सरगुजा पुलिस के वरिष्ठ आरक्षक अब अपराधों की विवेचना कर सकेंगे। छत्तीसगढ़ शासन द्वारा जारी अधिसूचना के तहत वरिष्ठ आरक्षकों को भारतीय न्याय संहिता के कुछ महत्वपूर्ण अध्यायों के अंतर्गत आने वाले अपराधों की विवेचना का अधिकार सौंपा गया है। इसी कड़ी में सरगुजा के पुलिस अधीक्षक योगेश पटेल के निर्देशन में एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें 156 वरिष्ठ आरक्षकों को अपराध विवेचना से संबंधित आवश्यक कौशल और ज्ञान प्रदान किया गया।
प्रशिक्षण कार्यशाला में वरिष्ठ आरक्षकों को अपराधों के अन्वेषण की बारिकियों से अवगत कराया गया। उन्हें बताया गया कि भारतीय न्याय संहिता के अध्याय 5, 6, 11, 12, 13, 14, 15 और 17 के अंतर्गत आने वाले अपराधों की विवेचना का कार्य अब उन्हें सौंपा जाएगा। कार्यशाला के दौरान वरिष्ठ आरक्षकों को महिलाओं और बच्चों के विरुद्ध अपराध, लोक प्रशांति के विरुद्ध अपराध, लोक सेवकों के विधिपूर्ण प्राधिकार के अवमान और संपत्ति के विरुद्ध अपराधों जैसी महत्वपूर्ण धाराओं की विवेचना के तरीके सिखाए गए।
कार्यशाला के दौरान, पुलिस अधीक्षक श्री पटेल ने वरिष्ठ आरक्षकों को संबोधित करते हुए कहा, “यह एक महत्वपूर्ण जिम्मेदारी है जो आप सभी को सौंपी गई है। विवेचना की बारीकियों को समझकर आप पीड़ितों को न्याय दिलाने में एक महत्वपूर्ण भूमिका निभा सकते हैं।”
इस प्रशिक्षण के लिए जिले के वरिष्ठ पुलिस अधिकारियों ने भी योगदान दिया। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक श्री अमोलक सिंह ढिल्लों, नगर पुलिस अधीक्षक श्री रोहित कुमार शाह और अनुविभागीय अधिकारी पुलिस श्री अमित पटेल सहित कई अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने आरक्षकों को विवेचना के गुर सिखाए।











