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शांति सन्देश बाइक रैली 20 से 25 अक्टूबर तक

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शांति संदेश बाइक रैली

 

 

  • शुरुआत बस्तर संभाग के सातों जिलों से

  • सर्व धर्म, सर्व समाज से लोग होंगे शामिल

रायपुर। राइड फॉर पीस बाइक रैली में राजधानी रायपुर से 100 से अधिक लोग बस्तर जा रहे हैं। यह रैली 20 से 25 अक्टूबर तक आयोजित की जाएगी। रैली में शामिल समूह बस्तर संभाग के सातों जिलों में नुक्कड़ नाटक और प्रस्तुतियों के माध्यम से शांति का संदेश देंगे। इसमें सर्व धर्म, सर्व समाज से लोग शामिल हो रहे हैं जो 20 अक्टूबर की सुबह रायपुर से रवाना होकर 25 अक्टूबर की शाम तक वापस रायपुर आएंगे।

मानवता, भाईचारे और एकता के उद्देश्य से आयोजित शांति संदेश बाइक रैली को 20 अक्टूबर की सुबह राम मंदिर के पुजारी, मस्जिद के मौलाना, गुरुद्वारा समिति के अध्यक्ष, चर्च के पादरी और डायोसिस ऑफ छत्तीसगढ़ के बिशप मैडम की उपस्थिति में अन्य गणमान्य नागरिक सेंट पॉल चर्च, एलआईसी कार्यालय के सामने से हरी झंडी दिखाकर रवाना करेंगे। रैली कांकेर होते हुए जगदलपुर पहुंचेगी जहां 20 अक्टूबर को रात्रि विश्राम होगा। इसके बाद 21 अक्टूबर को सुकमा, 22 को दंतेवाड़ा, 23 को बीजापुर और 24 को नारायणपुर में रात्रि विश्राम के बाद रैली 25 अक्टूबर की सुबह नारायणपुर से निकलकर रायपुर पहुंचेगी।

शांति संदेश का मार्ग और उद्देश्य

यह बाइक रैली छत्तीसगढ़ के बस्तर संभाग के सभी सात जिलों से होकर गुजरेगी। रैली का मुख्य उद्देश्य है शांति, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाना। इसके लिए रैली में शामिल राइडर्स विभिन्न स्थानों पर नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से लोगों को जागरूक करेंगे। इस रैली में सर्व धर्म और सर्व समाज के लोग शामिल हैं, जिससे विभिन्न धर्मों और समुदायों के बीच आपसी मेलजोल और सौहार्द को बढ़ावा दिया जा सके।

रैली के दौरान बस्तर के हर जिले में स्थानीय लोगों के साथ संवाद और मेलजोल का आयोजन किया जाएगा, जिसमें राइडर्स उन्हें शांति और मानवता का महत्व समझाएंगे। इस प्रकार की रैलियों से समाज में सद्भावना और समरसता का वातावरण बनता है और लोग एक-दूसरे के साथ मिलकर रहने के लिए प्रेरित होते हैं।

संयोजकों की भूमिका और तैयारियां

रैली के संयोजक नितिन लौरेन्स, सह संयोजक जयदीप रॉबिंसन और डीकन मनशीश केजू ने बताया कि सभी तैयारियां पूर्ण हो चुकी हैं। उन्होंने यह भी बताया कि रैली में शामिल सभी राइडर्स के लिए सुरक्षा और स्वास्थ्य का विशेष ध्यान रखा गया है। रैली के दौरान किसी भी अप्रिय घटना से बचने के लिए मेडिकल टीम और सुरक्षा दल भी मौजूद रहेगा। सभी राइडर्स को आवश्यक निर्देश दिए गए हैं और उनके स्वास्थ्य का परीक्षण भी शनिवार को कराया गया था।

महिलाओं और युवाओं की भागीदारी

इस रैली में युवतियों और महिलाओं की भी विशेष भागीदारी है। रैली में बड़ी संख्या में महिलाएं बुलेट मोटरसाइकिल पर शांति का संदेश लेकर निकलेंगी। यह रैली महिलाओं के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण है, जो समाज में उनकी सशक्त उपस्थिति को दर्शाती है। महिलाओं की भागीदारी से यह संदेश जाता है कि शांति और एकता का संदेश देने में समाज के हर वर्ग की महत्वपूर्ण भूमिका होती है।

राइडर्स में उत्साह और रोमांच

राइड फॉर पीस बाइक रैली में शामिल होने वाले राइडर्स में जबरदस्त उत्साह और रोमांच है। अधिकतर राइडर्स पहली बार छत्तीसगढ़ के सुदूर अंचल में बाइक से यात्रा कर रहे हैं, जिससे उनके लिए यह एक नया और रोमांचक अनुभव है। रैली के दौरान वे न सिर्फ बस्तर के प्राकृतिक सौंदर्य का अनुभव करेंगे, बल्कि वहां के स्थानीय लोगों के साथ भी संवाद स्थापित करेंगे।

बस्तर के विभिन्न जिलों में आयोजित होने वाले कार्यक्रमों में राइडर्स नुक्कड़ नाटक और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों के माध्यम से शांति और भाईचारे का संदेश देंगे। इस प्रकार के कार्यक्रम न केवल लोगों का मनोरंजन करते हैं, बल्कि उन्हें सामाजिक मुद्दों के प्रति जागरूक भी बनाते हैं।

रैली का समापन और आगे की योजनाएं

25 अक्टूबर की शाम को रैली का समापन रायपुर में होगा। इस दौरान रैली में शामिल सभी राइडर्स और आयोजकों को सम्मानित किया जाएगा। रैली के संयोजकों का कहना है कि इस प्रकार की रैलियां आगे भी आयोजित की जाएंगी, ताकि समाज में शांति, एकता और भाईचारे का संदेश फैलाया जा सके। उनका मानना है कि ऐसे आयोजन समाज को जोड़ने का एक महत्वपूर्ण माध्यम हैं और लोगों को एक-दूसरे के करीब लाते हैं।

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