रायपुर।
महबूबा मुफ़्ती की बेटी इल्तिजा मुफ़्ती द्वारा हिंदुत्व को “बीमारी” कहे जाने पर राष्ट्रीय बजरंग दल के रायपुर जिला अध्यक्ष गोपाल भिसे ने तीव्र प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उन्होंने कहा कि इल्तिजा मुफ़्ती ने सनातन धर्म के अनुयायियों की धार्मिक भावनाओं को गहरी ठेस पहुँचाई है और वह सभी सनातनियों से माफी मांगें। इसके साथ ही उन्होंने भारत सरकार से अपील की कि ऐसे मामलों में कड़ी कार्रवाई की जाए, ताकि भविष्य में किसी भी व्यक्ति को हिंदू धर्म का अपमान करने की अनुमति न मिले। भिसे ने यह भी चेतावनी दी कि यदि इल्तिजा मुफ़्ती ने समय रहते माफी नहीं मांगी, तो राष्ट्रीय बजरंग दल और अंतर्राष्ट्रीय हिंदू परिषद इसका विरोध करेंगे।
गोपाल भिसे ने आरोप लगाया कि कुछ नेता अपनी लोकप्रियता बढ़ाने के लिए हिंदू धर्म और देवताओं का अपमान कर रहे हैं, लेकिन भाजपा सरकार इस पर कोई ठोस कदम नहीं उठा रही है। उन्होंने कहा कि महबूबा मुफ़्ती के पिता, पूर्व केंद्रीय गृह मंत्री मुफ्ती मोहम्मद सईद के शासनकाल में कश्मीरी हिंदुओं का नरसंहार और महिलाओं के खिलाफ अत्याचार हुआ था, जो आज भी इतिहास के काले पन्नों में दर्ज है।
पूरा मामला क्या है?
इल्तिजा मुफ़्ती ने रविवार को एक सोशल मीडिया पोस्ट में हिंदुत्व को एक बीमारी बताते हुए कहा कि यह भारतीय समाज को विभाजित कर रहा है और भाजपा इसका इस्तेमाल अल्पसंख्यकों, विशेषकर मुसलमानों, पर अत्याचार करने के लिए कर रही है। उन्होंने एक मुस्लिम व्यक्ति के साथ हुई मारपीट का वीडियो साझा करते हुए कहा कि हिंदुत्व ने न केवल भारतीय समाज को पीड़ा दी है, बल्कि भगवान के नाम को भी कलंकित किया है। इस पोस्ट के बाद, इल्तिजा ने जम्मू में पत्रकारों से बात करते हुए अपनी टिप्पणी का बचाव किया और कहा कि हिंदुत्व और हिंदू धर्म के बीच एक बड़ा अंतर है। उन्होंने आरोप लगाया कि हिंदुत्व नफरत की भावना फैलाने वाला है, जिसे सावरकर ने विकसित किया था, और इसका उद्देश्य हिंदुओं का प्रभुत्व स्थापित करना है।
गोपाल भिसे ने इस बयान की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि ऐसे अपमानजनक बयानों को किसी भी स्थिति में स्वीकार नहीं किया जाएगा और इससे हिंदू समाज की भावनाओं को गहरा आघात पहुँचा है।







