कोंडागांव।
कलेक्टर कुणाल दुदावत की अनुशंसा पर लोक शिक्षण संचालक ने नाबालिग छात्रा से भवन निर्माण का कार्य करवाने वाले शिक्षक विनोद शार्दुल को निलंबित कर दिया है। यह कदम तब उठाया गया जब ग्रामीणों ने शिक्षक के खिलाफ थाना घेराव किया था।
विनोद शार्दुल, जो मूलतः शासकीय हाईस्कूल पल्ली में व्याख्याता (एलएबी) के पद पर कार्यरत था और वर्तमान में प्राचार्य के प्रभार में था, ने 7 जुलाई को कक्षा दसवीं की छात्रा लखेश्वरी मानिकपुरी और इस्ती नेताम को अपनी बाइक से ग्राम सितली से कोंडागांव स्थित निर्माणधीन भवन में ले जाकर काम कराया।
भवन के ऊपर से गिरने के कारण छात्रा लखेश्वरी मानिकपुरी की दुखद मृत्यु हो गई। शालाविद्यर्थियों की सुरक्षा की जिम्मेदारी विनोद शार्दुल की थी, लेकिन उन्होंने नाबालिग छात्राओं से जोखिमपूर्ण कार्य कराया। इस घटना की जानकारी विनोद शार्दुल ने अपने उच्च अधिकारियों को भी नहीं दी।
इस घटना की जांच के बाद, विनोद कुमार शार्दुल के खिलाफ बालक और कुमार श्रम (प्रतिशेध और विनियमन) अधिनियम, 1986 की धारा-3 की उपधारा पप और छत्तीसगढ़ सिविल सेवा (आचरण) नियम, 1965 के नियम-3 के तहत अनुशासनात्मक कार्यवाही की अनुशंसा की गई। इसके अतिरिक्त, विनोद कुमार शार्दुल के खिलाफ इस मामले में एफआईआर भी दर्ज की गई है।






