पीलीभीत।
स्कूल जाते समय रास्ते में मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्तियों द्वारा कीटनाशक पिलाए जाने का दावा करने वाली छात्रा के मामले में पुलिस ने जांच पड़ताल के बाद इसका राजफाश किया है। पुलिस के अनुसार, पढ़ाई में मन नहीं लगने के कारण छात्रा ने स्वयं ही कीटनाशक पी लिया था और बाद में इसे अपराध का रूप देने का प्रयास किया।
विगत 8 नवंबर को थाना गजरौला क्षेत्र के गांव देवीपुरा निवासी रामअवतार ने पुलिस को तहरीर दी थी, जिसमें कहा गया कि उनकी पुत्री को स्कूल जाते समय रास्ते में मोटरसाइकिल सवार दो अज्ञात व्यक्तियों ने रोककर जबरन कीटनाशक पिला दिया। तहरीर के आधार पर प्राथमिकी दर्ज कर तीन टीमें जांच के लिए गठित की गई थीं। फील्ड यूनिट द्वारा घटनास्थल का निरीक्षण किया गया, जिसमें छात्रा के घर से प्राप्त कीटनाशक के नमूने और घटनास्थल पर मिली प्लास्टिक की डिब्बी से समान गंध पाई गई। छात्रा के स्वास्थ्य में सुधार होने के बाद उसके न्यायालय में बयान दर्ज कराए गए। बयान में छात्रा ने स्वयं स्वीकार किया कि पढ़ाई में मन नहीं लगने के कारण उसने खुद कीटनाशक पी लिया था और परिजनों से झूठ कहा कि दो अज्ञात व्यक्तियों ने उसे जबरन पिलाया।
- जांच और पुलिस कार्रवाई:
सीओ सिटी दीपक चतुर्वेदी ने गुरुवार को प्रेस कांफ्रेंस में इस घटना का खुलासा किया। उन्होंने बताया कि इस मामले की जांच में थाना गजरौला पुलिस के साथ एसओजी व सर्विलांस टीम को भी लगाया गया था, लेकिन जांच में कोई अपराध नहीं पाया गया।






