मामला तब सामने आया जब खरसिया नाका, अंबिकापुर निवासी सुनिल विश्वकर्मा ने 26 सितंबर 2024 को थाना कोतवाली में रिपोर्ट दर्ज करवाई। सुनिल ने बताया कि वह खरसिया नाका, राजधानी पेट्रोल पंप के पास माँ महामाया बॉडी शॉप दुकान का संचालन करता है। 23 सितंबर की शाम वह अपनी दुकान बंद कर घर चला गया। अगले दिन जब वह वापस आया, तो दुकान में रखी दो आलमारियों का ताला टूटा हुआ पाया, जिसमें से करीब 45,000 रुपये की मूल्यवान सामग्री चोरी हो गई थी। चोरी हुए सामान में रिंच पाना, स्टार गोटी टूल्स, प्लास, इलेक्ट्रिक बोर्ड, पेंटिंग गन, पोलिश मशीन, पोलिश सेट, पेंट का डिब्बा और ब्लूटूथ एयरबड शामिल थे।
तीन आरोपी गिरफ्तार
सुनिल की रिपोर्ट पर थाना कोतवाली पुलिस ने मामला पंजीबद्ध कर अपराध क्रमांक 654/24 धारा 331(4), 305(ए) बी.एन.एस. के तहत जांच शुरू की। पुलिस टीम ने घटनास्थल का निरीक्षण किया और संदेहियों के संबंध में मुखबिरों को तैनात किया। मुखबिर की सूचना पर पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए राजेंद्र नागेसिया, प्रीतम सिन्हा उर्फ सुपाड़ी, और शालू उर्फ शहीद अंसारी को हिरासत में लिया।
पूछताछ के दौरान तीनों आरोपियों ने चोरी की घटना को स्वीकार किया। आरोपियों के नाम और पते इस प्रकार हैं:
- राजेंद्र नागेसिया (19 वर्ष), निवासी गोधनपुर वाटर पार्क के पास, अंबिकापुर
- प्रीतम सिन्हा उर्फ सुपाड़ी (26 वर्ष), निवासी महादेव गली बौरीपारा, अंबिकापुर
- शालू उर्फ शहीद अंसारी (20 वर्ष), निवासी तकिया, थाना अंबिकापुर
आरोपियों के कबूलनामे के आधार पर पुलिस ने उनके कब्जे से चोरी किया गया सामान बरामद किया। आरोपियों को गिरफ्तार कर न्यायिक हिरासत में भेज दिया गया है।
पुलिस टीम की सराहनीय कार्रवाई
इस पूरी कार्रवाई में थाना कोतवाली के प्रभारी निरीक्षक मनीष सिंह परिहार, सहायक उप निरीक्षक अरुण दुबे, प्रधान आरक्षक अमित सिंह, आरक्षक दीपक दास, विवेक राय, रमन मंडल, नितिन सिन्हा, दीनदयाल सिंह, और चंचलेश सोनवानी शामिल रहे।










