



बिलासपुर।
दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे के बिलासपुर, रायपुर व दुर्ग रेलवे स्टेशनों को ‘ईट राइट स्टेशन’ का प्रतिष्ठित खिताब प्रदान किया गया है। यह प्रमाणन रेलवे के चिकित्सा विभाग व खाद्य सुरक्षा एवं मानक प्राधिकरण, पूर्वी क्षेत्र कोलकाता के सहयोग से संभव हो सका है। ‘ईट राइट स्टेशन’ प्रमाणन इन स्टेशनों द्वारा अपने यात्रियों को उच्च गुणवत्ता और सुरक्षित भोजन उपलब्ध कराने की प्रतिबद्धता को दर्शाता है। इस पहल की देखरेख दक्षिण पूर्व मध्य रेलवे बिलासपुर जोन के चिकित्सा विभाग के खाद्य सुरक्षा प्रशासन द्वारा की गई है, जो सार्वजनिक स्वास्थ्य सुरक्षा के प्रति उनकी गहरी प्रतिबद्धता का प्रमाण है।
ईट राइट स्टेशन प्रमाणन की प्रमुख विशेषताएं
- खाद्य लाइसेंस अनुपालन: बिलासपुर, रायपुर व दुर्ग रेलवे स्टेशनों के सभी खाद्य स्टॉलों ने अपेक्षित खाद्य लाइसेंस प्राप्त कर लिया है, जिससे यह सुनिश्चित होता है कि सभी विक्रेता खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण के उच्चतम मानकों का पालन कर रहे हैं।
- विक्रेता स्वास्थ्य आश्वासन: सभी विक्रेताओं को भोजन विक्रय करने के लिए व्यापक चिकित्सा परीक्षण से गुजरना पड़ा है ताकि उनकी स्वास्थ्य स्थिति को सत्यापित किया जा सके।
- प्रशिक्षण: सभी विक्रेताओं को भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण (FSSAI) के मार्गदर्शन में खाद्य सुरक्षा और स्वच्छता के व्यापक प्रशिक्षण (FoSTaC Training) दिए गए हैं।
- ऑडिट: भारतीय खाद्य सुरक्षा व मानक प्राधिकरण द्वारा मान्यता प्राप्त ऑडिट संस्था ने बिलासपुर, रायपुर व दुर्ग स्टेशनों का ऑडिट कर ‘ईट राइट स्टेशन’ प्रमाणन प्रदान किया है।
- जल शुद्धता: भोजन बनाने में उपयोग किए जाने वाले पानी की शुद्धता सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय चिकित्सालय में स्थित NABL लैब में जल का जीवाणु व रसायनिक विश्लेषण किया गया है।
बिलासपुर, रायपुर और दुर्ग रेलवे स्टेशनों पर औसतन 45,76,091 यात्री वार्षिक यात्रा करते हैं, ऐसे में इन स्टेशनों को ‘ईट राइट स्टेशन’ प्रमाणित करना अत्यंत आवश्यक था। इस उपलब्धि में दक्षिण महाप्रबंधक नीनु इटियेरा का कुशल मार्गदर्शन प्रमुख रहा।





