



- ‘मूलवासी बचाओं मंच’ को राज्य शासन ने किया है प्रतिबंधित घोषित।
- नक्सलियों के समर्थन में भोले-भाले ग्रामीणों को प्रायोजित कर रहे थे धरना प्रदर्शन।
- चिंतलनार पुलिस ने की विशेष कार्यवाही, दो कार्यकर्ता गिरफ्तार।
सुकमा (कौशल संदुजा)।
सुकमा जिले में नक्सल उन्मूलन अभियान के तहत थाना चिंतलनार क्षेत्र में प्रतिबंधित संगठन ‘मूलवासी बचाओं मंच’ के दो सक्रिय कार्यकर्ताओं को गिरफ्तार किया गया। पुलिस अधीक्षक किरण चव्हाण के निर्देशन में चल रहे इस अभियान के अंतर्गत 19 नवंबर 2024 को ग्राम मुकरम पटेलपारा में बिना प्रशासनिक अनुमति के सभा आयोजित करने पर कार्रवाई की गई।
‘मूलवासी बचाओं मंच’ के सदस्य भोगाम रामा (20 वर्ष), निवासी ग्राम सुरपनगुड़ा, थाना चिंतलनार, और सिलगेर इकाई के माड़वी रितेश (25 वर्ष), निवासी ग्राम पुवर्ती, थाना जगरगुण्डा, जिला सुकमा, लगभग 30-40 ग्रामीणों के साथ मिलकर विकास कार्यों के विरोध में ग्रामीणों को भड़का रहे थे।
सभा के दौरान ग्रामीणों को माओवाद प्रभावित क्षेत्रों में पुलिस कैम्प, सड़क, पुल/पुलिया, और मोबाइल टावर स्थापित करने के विरोध में जुटाया जा रहा था। ग्रामीणों के लिए चावल, बर्तन, अस्थाई झोपड़ी निर्माण और अन्य साधनों की भी व्यवस्था की गई थी। पुलिस की विशेष कार्यवाही के तहत भोगाम रामा और माड़वी रितेश को गिरफ्तार कर 21 नवंबर 2024 को न्यायालय में पेश किया गया, जिसके पश्चात उन्हें न्यायिक रिमाण्ड पर जेल भेजा गया।
‘मूलवासी बचाओं मंच’ के ताड़मेटला इकाई के अध्यक्ष उमेश माड़वी, उपाध्यक्ष वेट्टी संतोष, और सदस्य हेमला नरेन्द्र, गोड़से देवा, तेलाम अजय, मड़कम हिड़मा, और सलवम राहुल ने भी ग्रामीणों को अधिक से अधिक संख्या में मुकरम में जुटने के लिए प्रेरित किया। इन सभी के खिलाफ छत्तीसगढ़ विशेष जन सुरक्षा अधिनियम, 2005 की धारा 8 (1) (3) के तहत कार्रवाई की गई है।





