

दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में राष्ट्रीय जनजाति गौरव दिवस के अवसर पर विशेष व्याख्यान और भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। स्वतंत्रता सेनानी जननायक भगवान बिरसा मुंडा के जन्मदिवस को राष्ट्रीय आदिवासी गौरव दिवस के रूप में मनाने के इस अवसर पर कई गतिविधियाँ संपन्न हुईं।
कार्यक्रम की अध्यक्षता अकादमिक अधिष्ठाता आलोक भट्ट ने की, जिन्होंने जनजातियों के समक्ष वर्तमान आधुनिक परिदृश्य में आ रही आर्थिक, शैक्षणिक, नैतिक, सामाजिक, धार्मिक और परंपरागत चुनौतियों और विडंबनाओं पर विस्तृत प्रकाश डाला।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रीय सेवा योजना के कार्यक्रम अधिकारी और गोदग्राम समन्वयक स्नेह कुमार मेश्राम के विशेष व्याख्यान से हुई, जिसमें उन्होंने बिरसा मुंडा के जीवन चरित्र और समाज में उनके योगदान पर प्रकाश डाला। उन्होंने वर्तमान बदलते सामाजिक और पर्यावरणीय परिदृश्य के फलस्वरूप जनजातीय विस्थापन, जनांकिकी परिवर्तन, भूमि अधिग्रहण आदि मुद्दों पर भी चर्चा की।
भाषण प्रतियोगिता के अंतर्गत “वर्तमान भारतीय समाज तथा जनजातियों के समक्ष चुनौतियाँ” विषय पर विभिन्न संकायों के विद्यार्थियों ने अपने विचार प्रस्तुत किए। इस प्रतियोगिता में बीएड द्वितीय वर्ष के अंकित राम ने प्रथम स्थान और एलएलबी तृतीय सेमेस्टर के सौरभ चटर्जी ने द्वितीय स्थान प्राप्त किया। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में विद्यार्थियों ने भाग लिया।
इस आयोजन में राष्ट्रीय सेवा योजना प्रकोष्ठ के सदस्य रोहित कुमार वर्मा, भूमिका मिश्रा, जयंत बारिक, रॉलिक बेंजामिन दास, श्वेता कुमारी, और स्वयंसेवक कोनाल सेन, मुकेश साहू, ज्ञानिका राजपूत आदि का विशेष सहयोग प्राप्त हुआ।





