धमतरी।
धमतरी ब्लॉक के ग्राम पंचायत बलियारा में घास जमीन की अवैध बिक्री का मामला सामने आया है। कई ग्रामीणों ने सरपंच और ग्राम विकास समिति के सदस्यों पर रुपये लेकर गांव की घास जमीन बेचने का आरोप लगाया है। इस मामले को लेकर 30 सितंबर को ग्रामीणों की भीड़ ने कलेक्ट्रेट कार्यालय पहुंचकर अपर कलेक्टर जीआर मरकाम को ज्ञापन सौंपा और मामले की जांच व कार्रवाई की मांग की।
ग्राम पंचायत बलियारा के निवासी अशोक मारकंडे, महेश निर्मलकर, प्रताप सिंह साहू (पंच), पन्ना साहू, मिलापराम साहू, नारायण दास मारकंडे, कृष्णा जांगड़े, भीष्मपितामह साहू, संतू यादव, महेश कंवर, त्रिलोक नागवंशी, दिलीप साहू और देवानंद साहू समेत कई ग्रामीणों ने आरोप लगाया है कि ग्राम विकास समिति और सरपंच द्वारा गांव की घास जमीन को पांच-पांच हजार रुपये लेकर बेचा जा रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि अब तक 100 से अधिक ग्रामीणों को यह जमीन बेची जा चुकी है।
ग्रामीणों ने बताया कि गांव में जमीन की बिक्री के लिए बाकायदा मुनादी कराई गई थी। वहीं, 25-30 साल से काबिज ग्रामीणों को बिना पंचायत या सरपंच की सील के नोटिस देकर कब्जा हटाने की चेतावनी दी गई है। जबकि, कई परिवारों ने अतिक्रमित जगहों पर सालों से कब्जा कर रखा है। ग्रामीणों के अनुसार, ग्राम विकास समिति द्वारा एक घोषणा पत्र तैयार किया गया है, जिसमें उल्लेख किया गया है कि घास जमीन को हर घर के पीछे चार-चार डिसमिल देने का निर्णय लिया गया है, और इसके बदले पांच हजार रुपये ग्राम विकास के लिए अंशदान लिया जाएगा।
इस घोषणा पत्र के बावजूद, सालों से काबिज ग्रामीणों को नोटिस जारी कर जमीन खाली करने के लिए कहा जा रहा है, जिससे ग्रामीणों में आक्रोश है। ग्रामीणों ने मांग की है कि इस पूरे मामले की जांच कर उचित कार्रवाई की जाए। अपर कलेक्टर जीआर मरकाम ने ज्ञापन प्राप्त किया और जांच का आश्वासन दिया।






