

बांग्लादेश में जारी हिंसा और घुसपैठ की कोशिशों के बीच, शेख हसीना का इस्तीफा और मोहम्मद यूनुस की नियुक्ति पर त्वरित प्रतिक्रिया
ढाका। बांग्लादेश में राजनीतिक अस्थिरता और हिंसा का दौर जारी है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने हाल ही में प्रधानमंत्री पद से इस्तीफा दे दिया है और देश छोड़ने की तैयारी में हैं। प्रदर्शनकारी अभी भी सड़कों पर डटे हुए हैं, और बांग्लादेश की अराजक स्थिति की खबरें तेजी से फैल रही हैं। सूत्रों के अनुसार, शेख हसीना लंदन जाने का इरादा रख सकती हैं, हालांकि इस बारे में अभी कोई आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है।




इस बीच, नोबेल पुरस्कार से सम्मानित मोहम्मद यूनुस को बांग्लादेश की अंतरिम सरकार का प्रमुख नियुक्त किया गया है। यह नियुक्ति उस समय की गई है जब सरकारी नौकरियों में आरक्षण प्रणाली के खिलाफ जुलाई के मध्य से छात्रों द्वारा शुरू किए गए विरोध प्रदर्शनों ने हिंसक रूप ले लिया है। छात्रों का आरोप है कि यह आरक्षण प्रणाली कुछ खास लोगों के वर्ग को लाभ पहुंचाती है और इसके विरोध में उनकी आवाज अब हिंसा में बदल गई है।
शेख हसीना के बेटे, सजीब वाजेद जॉय ने बुधवार को एक बयान जारी करते हुए कहा कि उनकी मां ने अभी तक यह तय नहीं किया है कि वह अमेरिका में रहेंगी या यूनाइटेड किंगडम में। उन्होंने यह भी जानकारी दी कि शेख हसीना फिलहाल कुछ समय तक दिल्ली में ही रहेंगी। भारतीय सीमा पर हिंसक विरोध प्रदर्शनों के बाद, शेख हसीना ने सोमवार को इस्तीफा दे दिया और भारत की ओर रुख किया।
भारत में, उत्तर बंगाल में एक बड़ी घुसपैठ की कोशिश को सुरक्षा बलों ने नाकाम कर दिया है। बीएसएफ के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि बांग्लादेशी नागरिकों का एक बड़ा समूह उत्तर बंगाल से लगी अंतर्राष्ट्रीय सीमा पर कई स्थानों पर जमा हुआ था और भारतीय क्षेत्र में घुसने का प्रयास कर रहा था। बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश, नागरिक प्रशासन और बीएसएफ के कर्मियों की संयुक्त कार्रवाई से उन्हें सफलतापूर्वक रोका गया है।



