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राज्यपाल ने शिक्षकों को दी नसीहत, स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के दौर में गुरु ही देंगे सही दिशा
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बस्तर के बच्चों को स्थानीय बोली में मिलेगी शिक्षा, ओरछा-जगरगुंडा में बनेगी एजुकेशन सिटी
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341 स्कूल बनेंगे पीएम श्री, 150 स्वामी विवेकानंद विद्यालयों की भी होगी शुरुआत
रायपुर। राज्यपाल रमेन डेका और मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने शिक्षक दिवस पर लोकभवन के छत्तीसगढ़ मण्डपम् में आयोजित राज्य स्तरीय समारोह में उत्कृष्ट योगदान देने वाले शिक्षकों को सम्मानित किया। इस दौरान वर्ष 2025-26 के लिए प्रदेश के 63 शिक्षकों को राज्यपाल पुरस्कार और चार शिक्षकों को राज्य शिक्षक सम्मान स्मृति पुरस्कार प्रदान किए गए।
स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने समारोह में वर्ष 2026-27 के राज्य शिक्षक सम्मान के लिए चयनित 64 शिक्षकों के नामों का भी ऐलान किया। राज्यपाल ने कहा कि आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के दौर में तकनीक का उपयोग विवेकपूर्ण और मानवीय मूल्यों के अनुरूप होना चाहिए। उन्होंने जोर दिया कि AI हमारा सहायक बने, नियंत्रक नहीं।
राज्यपाल डेका ने कहा कि गूगल और डिजिटल तकनीक सूचनाएं दे सकती हैं, लेकिन संस्कार, संवेदना और अनुशासन गुरु से ही मिलते हैं। उन्होंने स्मार्टफोन और सोशल मीडिया के बढ़ते प्रभाव पर चिंता जताते हुए कहा कि तकनीक पर अत्यधिक निर्भरता स्वतंत्र चिंतन को प्रभावित कर सकती है। शिक्षकों को विद्यार्थियों की काउंसलिंग और मार्गदर्शन पर ध्यान देना चाहिए।
गूगल दे सकता है जानकारी, संस्कार गुरु से ही
मुख्यमंत्री विष्णु देव साय ने कहा कि युक्तियुक्तकरण के बाद अब प्रदेश में एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं बचा है। सरकार शिक्षा की गुणवत्ता सुधारने के लिए निरंतर कार्य कर रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति-2020 के तहत शिक्षा को संस्कार, कौशल और रोजगार से जोड़ा जा रहा है। बस्तर अंचल में बच्चों को उनकी स्थानीय बोली में प्रारंभिक शिक्षा देने की पहल की गई है।
बस्तर में होगी स्थानीय बोली में पढ़ाई
मुख्यमंत्री ने बताया कि प्रदेश के 341 विद्यालयों का चयन पीएम श्री योजना के लिए किया गया है। साथ ही स्वामी विवेकानंद के नाम पर 150 नए विद्यालय शुरू किए जा रहे हैं। दूरस्थ क्षेत्रों के लिए ओरछा और जगरगुंडा में एजुकेशन सिटी विकसित की जा रही है। स्कूल शिक्षा मंत्री गजेन्द्र यादव ने बताया कि प्रदेश में AI आधारित स्मार्ट स्कूल विकसित किए जा रहे हैं।
चार शिक्षकों को मिला स्मृति पुरस्कार
समारोह में खैरागढ़-छुईखदान-गंडई के राजेश कुमार प्रजापति को डॉ. पदुमलाल पुन्नालाल बख्शी स्मृति पुरस्कार, कोरबा के कामता प्रसाद जायसवाल को डॉ. बलदेव प्रसाद मिश्र स्मृति पुरस्कार, दुर्ग की प्रज्ञा सिंह को डॉ. मुकुटधर पाण्डेय स्मृति पुरस्कार और सारंगढ़-बिलाईगढ़ की प्रियंका गोस्वामी को श्री गजानन माधव मुक्तिबोध स्मृति पुरस्कार से नवाजा गया।
“AI हमारा सहायक बने, हमारा नियंत्रक नहीं। तकनीक जानकारी दे सकती है, लेकिन संस्कार गुरु से ही मिलते हैं।”
रमेन डेका, राज्यपाल
“युक्तियुक्तकरण के बाद प्रदेश में अब एक भी स्कूल शिक्षकविहीन नहीं है। हम शिक्षा को कौशल और रोजगार से जोड़ रहे हैं।”
विष्णु देव साय, मुख्यमंत्री












