- दुर्ग के बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर विधायक ललित चंद्राकर ने सभी ज़रूरी सेवाओं को सुचारू करने के दिए निर्देश
- लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने का आश्वासन
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
पिछले कुछ दिनों से हो रही मूसलधार बारिश ने पूरे प्रदेश को अपनी चपेट में ले लिया है। दुर्ग जिले में भी इसका व्यापक प्रभाव देखने को मिल रहा है। मोंगरा जलाशय से पानी छोड़े जाने के बाद जिले के कई नदियों और नालों का जलस्तर खतरनाक रूप से बढ़ गया है, जिससे कई गांव बाढ़ की चपेट में आ गए हैं।
दुर्ग ग्रामीण विधायक ललित चंद्राकर ने आज बाढ़ प्रभावित इलाकों का दौरा कर वस्तुस्थिति का जायज़ा लिया और लोगों से मुलाकात की। उन्होंने ज़िला कलेक्टर, पुलिस अधीक्षक, ज़िला सीईओ, अनुविभागीय अधिकारी और तहसीलदार समेत सभी ज़िला अधिकारियों से फोन पर बात कर आवश्यक दिशा-निर्देश दिए। विधायक ने जनपद पंचायत के सीईओ के माध्यम से सभी सचिवों और पटवारियों को भी निर्देशित किया कि वे बाढ़ प्रभावित इलाकों का सर्वे करें और वहां रह रहे लोगों को सुरक्षित स्थानों पर पहुंचाने की व्यवस्था करें।
विधायक ने स्पष्ट किया कि प्रभावित लोगों को मूलभूत सुविधाएं मुहैया कराना प्रशासन की नैतिक ज़िम्मेदारी है। उन्होंने शिवनाथ, तंदुला और खरखरा नदी के किनारे बसे गांवों में जलभराव की स्थिति का खास ध्यान रखने को कहा और सभी प्रभावित लोगों को जल्द से जल्द सुरक्षित स्थानों पर ले जाने के निर्देश दिए।
पुल-पुलिया से दूरी बनाएं, सावधानी बरतें:
विधायक ललित चंद्राकर ने आम जनता से अपील करते हुए कहा कि जिले की प्रमुख नदियां उफान पर हैं और पुल-पुलिया के ऊपर पानी बह रहा है। ऐसी स्थिति में कोई भी वाहन या पैदल चलने वाला व्यक्ति इन पुलों को पार करने की कोशिश ना करे। उन्होंने जोर देकर कहा कि जान जोखिम में डालना किसी भी हालत में उचित नहीं है, और लोगों से अपील की कि वे दूसरों को भी नदी-नालों से सुरक्षित दूरी बनाने की सलाह दें।
प्रभावित क्षेत्र:
दुर्ग के कई गांव जैसे अंजोरा, पुलगांव, थनौद, पीपरछेड़ी, महमरा, चंगोरी, भरदा, आलबरस, आमटी, विनायकपुर, मोहलाई, बघेरा, गनियारी, उरला, अछोती, बेलौदी, भेड़सर, भटगांव, डंडेसरा, समोदा, रवेलीडीह, झेझरी, खड़ा, रूदा, तिरगा, झोला, सलोनी और तिलखैरी में बाढ़ का गंभीर खतरा मंडरा रहा है।






