
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
साहित्य प्रेमियों के लिए 19 जनवरी का रविवार एक यादगार शाम बन गया। “एक शाम साहित्य के नाम” कार्यक्रम भिलाई में आयोजित किया गया, जिसे संयोजक डॉ. बीना सिंह रागी और डॉ. ए. के. सिंह ने बड़े ही कुशलता से संपन्न किया।
इस कार्यक्रम के मुख्य अतिथि प्रसिद्ध समाजसेवी और उद्योगपति कैलाश जैन बारमेचा रहे। अध्यक्षता वरिष्ठ साहित्यकार उजियार सिंह पवार ने की, और विशेष अतिथि के रूप में एसपी नरेंद्र सिक्केवाल, वरिष्ठ साहित्यकार जनाब रौनक जमाल, तथा छत्तीसगढ़ के प्रमुख संपादक प्रदीप भट्टाचार्य उपस्थित रहे।
कार्यक्रम का प्रथम सत्र सम्मान समारोह का रहा, जिसमें सभी अतिथियों, साहित्यकारों और श्रोताओं का भव्य स्वागत व सम्मान किया गया।

इसके बाद कवि सम्मेलन का आयोजन हुआ, जिसमें कई प्रतिष्ठित कवियों और कवयित्रियों ने अपनी रचनाओं से समा बांध दिया। काव्य पाठ प्रस्तुत करने वालों में शामिल रहे:
बृजेश मलिक, नौशाद सिद्दीकी, ऋणाली चक्रवर्ती, बलजीत कौर, कृष लालवानी, दशरथ भुवाल, ओमवीर करण, प्रदीप पांडे, माला सिंह, सत्यवती शुक्ला, नीता कंपोज, डॉ. डीके दुबे, डॉ. विनोद सिंह, हितेंद्र सिंह, हेमंत सिंह, यश सूर्यवंशी, वीरेंद्र नाथ सरकार, रामबरन कोरी, बी. नाथ, इकबाल खान, रियाज खान, शारदा पटेल, शशि सिंह, समर बहादुर सिंह और सतीश पटेल।
सैकड़ों साहित्य प्रेमियों ने इस आयोजन का आनंद लिया। घंटों तक कविताओं, गीतों और गजलों का दौर चलता रहा, जिसने श्रोताओं को मंत्रमुग्ध कर दिया।
कार्यक्रम का संचालन कुशलतापूर्वक संजय शर्मा ने किया। अंत में, मुख्य अतिथि कैलाश जैन बारमेचा ने अपने आशीर्वचन दिए। अध्यक्ष उजियार सिंह पवार ने अपने साहित्यिक विचार साझा किए और एसपी नरेंद्र सिक्केवाल ने भी साहित्य के महत्व पर प्रकाश डाला। आभार प्रदर्शन प्रदीप भट्टाचार्य ने किया।
यह आयोजन न केवल साहित्य की महत्ता को दर्शाता है, बल्कि समाज में साहित्य की बढ़ती रुचि का प्रमाण भी है।






