
दुर्ग (रोहितास सिंह भुवाल)।
भारती विश्वविद्यालय, दुर्ग में विश्व आहार विज्ञान दिवस के अवसर पर “पोषण आहार की महत्ता” विषय पर भाषण प्रतियोगिता का आयोजन किया गया। प्रतियोगिता में विद्यार्थियों ने पोषण आहार के मनुष्य के सर्वांगीण विकास में महत्व एवं पोषण आहार की कमी से होने वाले विकार और बीमारियां, जैसे क्वाशियोरकर व मैरासमस, पर अपने विचार प्रस्तुत किए।
कार्यक्रम में विशेष व्याख्यान भी आयोजित किया गया। फूड एंड न्यूट्रिशन विभाग की विभागाध्यक्ष सपना पांडे ने अपने उद्बोधन में बताया कि प्रोटीन एनर्जी मालन्यूट्रिशन (PEM) एक गंभीर समस्या है, जो प्रोटीन और पोषण की कमी के कारण 1 से 3 वर्ष की उम्र के बच्चों में देखी जाती है। यह राष्ट्रीय स्तर पर एक बड़ी समस्या है, जिसके कारण बच्चों का मानसिक और शारीरिक विकास रुक जाता है और विभिन्न प्रकार के पोषण संबंधी विकार उत्पन्न हो सकते हैं।
इस आयोजन का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को पोषण आहार के महत्व एवं प्रोटीन एनर्जी मालन्यूट्रिशन जैसी गंभीर समस्याओं से अवगत कराना था। भाषण प्रतियोगिता में चंदा जैन, डिप्लोमा न्यूट्रिशन व डायबीटिक्स द्वितीय सेमेस्टर की छात्रा, विजेता रहीं।
कार्यक्रम में प्राध्यापक डॉ. श्वेता एन., पूजा चैरसिया, सूरज जंघेल, प्रियंका सिन्हा, लीलम चंद्राकर, गरिमा बंछोर और वी. सुषमा श्री सहित बड़ी संख्या में विद्यार्थी उपस्थित रहे।






