- बीबीसी डॉक्युमेंट्री से हुआ बड़ा खुलासा
नई दिल्ली।
पंजाबी सिंगर सिद्धू मूसेवाला की हत्या को लेकर बीबीसी की नई डॉक्युमेंट्री ‘द किलिंग कॉल’ ने सनसनी फैला दी है। मंगलवार, 10 जून को यूट्यूब पर दो हिस्सों में रिलीज हुई इस डॉक्युमेंट्री में हत्या के पीछे की वजहों को विस्तार से दिखाया गया है।
गोल्डी बराड़ ने बताया हत्या का कारण
डॉक्युमेंट्री में सबसे बड़ा खुलासा यह है कि गैंगस्टर गोल्डी बराड़, जो सिद्धू मूसेवाला की हत्या का मास्टरमाइंड है, ने खुद इस हत्याकांड की असली वजह बताई। गोल्डी बराड़ के अनुसार, “सिद्धू मूसेवाला ने घमंड में कुछ ऐसी गलतियां कीं जिन्हें माफ नहीं किया जा सकता था।”
लॉरेंस बिश्नोई से नजदीकी बनी पहली वजह
गोल्डी बराड़ ने कहा कि सिद्धू मूसेवाला लॉरेंस बिश्नोई के पहले से संपर्क में थे। दोनों के बीच बातचीत काफी पहले से हो रही थी। यहां तक कि मूसेवाला चापलूसी करते हुए लॉरेंस बिश्नोई को ‘गुड मॉर्निंग’ और ‘गुड इवनिंग’ तक भेजा करते थे।
दुश्मन गैंग को समर्थन देना बना दूसरा कारण
मूसेवाला की दूसरी गलती थी बिश्नोई के दुश्मन गैंग ‘बंबिहा’ का समर्थन। मूसेवाला ने बंबिहा गैंग द्वारा आयोजित कबड्डी टूर्नामेंट को प्रमोट किया। लॉरेंस बिश्नोई और उसके गैंग के लिए यह बर्दाश्त से बाहर था। गोल्डी बराड़ ने बताया, “वह हमारे दुश्मनों को प्रमोट करने लगा था। इस वजह से लॉरेंस और गैंग के बाकी लोग बहुत गुस्से में थे। उन्होंने सिद्धू को चेतावनी भी दी थी।”
मिड्डुखेरा की हत्या ने और बढ़ाई दुश्मनी
साल 2021 में मिड्डुखेरा की हत्या के बाद हालात और बिगड़ गए। इस हत्या की जिम्मेदारी बंबिहा गैंग ने ली थी। इस मामले में सिद्धू मूसेवाला के दोस्त और मैनेजर शगनप्रीत सिंह का नाम भी सामने आया। गोल्डी बराड़ ने दावा किया, “सभी जानते हैं कि सिद्धू मूसेवाला का इसमें क्या रोल था। पुलिसकर्मी और पत्रकार भी इस बारे में जानते हैं। उसने राजनीति, पैसे और ताकत के जरिए हमारे दुश्मन की मदद की।”
गोल्डी बराड़ का दावा- ‘खुद इंसाफ किया’
डॉक्युमेंट्री में गोल्डी बराड़ ने कहा, “हम चाहते थे कि उसे उसकी गलती की सजा मिले। केस चले, जेल जाए। लेकिन किसी ने इसे गंभीरता से नहीं लिया। इसलिए हमने खुद न्याय किया। कानून और इंसाफ जैसा कुछ नहीं है। ताकतवर ही इंसाफ पाता है। आम आदमी को इंसाफ नहीं मिलता।”
सिद्धू मूसेवाला के पिता की अपील को अनदेखा किया गया
सिद्धू मूसेवाला के पिता ने बीबीसी से इस डॉक्युमेंट्री को रिलीज न करने की गुजारिश की थी। उनका मानना था कि इससे केस पर नकारात्मक असर पड़ेगा। बावजूद इसके, बीबीसी ने डॉक्युमेंट्री जारी कर दी।






