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बसनी गांव में चला प्रशासन का पीला पंजा
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रसूखदारों के चंगुल से मुक्त हुई बेशकीमती जमीन
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कलेक्टर के कड़े रुख से भू-माफियाओं में हड़कंप
दुर्ग।
मुख्यमंत्री विष्णुदेव साय की जीरो टॉलरेंस नीति के तहत दुर्ग जिला प्रशासन ने भू-माफियाओं के खिलाफ बड़ी स्ट्राइक की है। कलेक्टर अभिजीत सिंह के कड़े रुख के बाद धमधा तहसील के ग्राम बसनी में वर्षों से काबिज रसूखदारों के चंगुल से सरकारी जमीन को अतिक्रमण मुक्त कराया गया। प्रशासन की इस अचानक हुई कार्रवाई से क्षेत्र के अवैध कब्जाधारियों में हड़कंप मच गया है।
रसूखदारों ने बिछाया था तारों का जाल
राजस्व टीम ने तहसीलदार मीना साहू के नेतृत्व में कार्रवाई करते हुए सेवाराम लोधी, राजकुमार और राजकपूर सहित अन्य कब्जाधारियों द्वारा घेरी गई जमीन को मुक्त कराया। गौरतलब है कि इन प्रभावशाली व्यक्तियों ने सरकारी खसरा नंबरों पर झटका तार लगाकर और खरीफ-रबी की फसलें उगाकर अवैध कब्जा जमा रखा था।
तहसीलदार ने बताया कि सेवाराम लोधी के कब्जे से 0.34 हेक्टेयर और शिवकुमार मौर्य के कब्जे से 0.19 हेक्टेयर सहित अन्य छोटे भूखंडों को शासन के पक्ष में सुरक्षित किया गया है।
शिकायत के बाद हरकत में आया प्रशासन
सूत्रों के मुताबिक, ग्रामीणों की शिकायत पर कलेक्टर अभिजीत सिंह ने मामले को गंभीरता से लेते हुए तत्काल जांच के निर्देश दिए थे। पटवारी प्रतिवेदन में अवैध कब्जे की पुष्टि होने के बाद विधिवत बेदखली आदेश पारित किया गया।
22 जून को राजस्व निरीक्षक और ग्राम पंचायत की संयुक्त टीम ने मौके पर पहुंचकर अवैध निर्माण और तारों की फेंसिंग को उखाड़ फेंका। प्रशासन ने स्पष्ट किया है कि सरकारी भूमि का दुरुपयोग करने वालों के विरुद्ध भविष्य में भी इसी प्रकार की कठोर और दंडात्मक कार्रवाई जारी रहेगी।










