कोरबा। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में भारत ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में तेजी से कदम बढ़ा रहा है। इसी कड़ी में शुरू की गई ‘प्रधानमंत्री सूर्यघर मुफ्त बिजली योजना’ अब एक जनआंदोलन का रूप ले चुकी है। इस योजना ने न केवल लाखों परिवारों को स्वच्छ ऊर्जा से जोड़ा है, बल्कि उनके आर्थिक बोझ को भी काफी कम कर दिया है। छत्तीसगढ़ में मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के नेतृत्व वाली सरकार इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध नजर आ रही है।
शून्य हुआ बिजली बिल
कोरबा शहर के पोड़ीबहार क्षेत्र की निवासी श्रीमती मोनिका एक्का इस योजना की बड़ी मिसाल बनकर उभरी हैं। मोनिका ने योजना से प्रेरित होकर सितंबर 2025 में अपने निवास पर रूफटॉप सोलर संयंत्र स्थापित कराया। सौर ऊर्जा का उपयोग शुरू होते ही उनके घर का बिजली बिल लगभग शून्य हो गया है। इस प्रत्यक्ष लाभ को देखते हुए उन्होंने अपनी सौर ऊर्जा क्षमता का विस्तार किया और अब उनके घर में कुल 3 किलोवाट क्षमता के दो सोलर पैनल काम कर रहे हैं। अब उन्हें बिजली की खपत या भुगतान की कोई चिंता नहीं सताती।
साय सरकार की सक्रियता से मिला लाभ
श्रीमती मोनिका एक्का ने बताया कि सोलर संयंत्र की स्थापना के लिए उन्हें केंद्र और राज्य सरकार की ओर से आकर्षक सब्सिडी प्राप्त हुई है। इस वित्तीय सहायता के कारण उन पर आर्थिक बोझ नहीं पड़ा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के मार्गदर्शन में प्रदेश में हरित ऊर्जा का विस्तार हो रहा है, जिससे नागरिक अब केवल उपभोक्ता नहीं बल्कि बिजली उत्पादक भी बन रहे हैं। मोनिका ने जिले के अन्य नागरिकों से भी इस जनहितकारी योजना का लाभ उठाने की अपील की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी व मुख्यमंत्री विष्णु देव साय के प्रति आभार जताया है।









