- अभिषेक बनर्जी ने उठाए तीखे सवाल, लोकसभा में हंगामा
- स्पीकर ओम बिरला ने सदस्यों को संसदीय मर्यादा बनाए रखने की दी सलाह
- बनर्जी का मोदी सरकार पर हमला, किसानों की मौत का मामला उठाया
- स्पीकर ने अभिषेक बनर्जी को जवाब देने की दी चुनौती
नई दिल्ली:
लोकसभा में बुधवार को बजट पर चर्चा के दौरान तृणमूल कांग्रेस के सांसद अभिषेक बनर्जी और अध्यक्ष ओम बिरला के बीच तीखी नोकझोंक देखने को मिली। बनर्जी ने अपनी बात शुरू करते हुए कहा, “अपनी कुर्सी की पेटी बांधकर रखिए, मौसम का मिजाज बिगड़ने वाला है।” बनर्जी ने सरकार पर आक्रामक रुख अपनाया और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण, तथा 2024-25 के बजट को आड़े हाथों लिया। उनके भाषण के दौरान, सत्ता पक्ष और तृणमूल कांग्रेस के सदस्य आपस में जुबानी जंग में उलझ गए। हंगामा बढ़ने पर अध्यक्ष ओम बिरला ने सदन की शांति बनाए रखने के निर्देश दिए।
बनर्जी ने मोदी सरकार की विफलताओं का हवाला देते हुए आरोप लगाया कि तीन कृषि कानून बिना सदन की चर्चा के ही पास कर दिए गए, जिनके खिलाफ किसान आंदोलन छिड़ा था। इस पर बिरला ने कहा कि इस मुद्दे पर सदन में साढ़े पांच घंटे की चर्चा हुई थी। बनर्जी ने आरोप लगाया कि संबंधित विधेयक पर कोई चर्चा नहीं की गई, जिससे हंगामा और बढ़ गया। बिरला ने सदन की मर्यादा बनाए रखने की अपील की और बनर्जी को निर्देशित किया कि वे अपनी बात पर ध्यान केंद्रित करें।
बनर्जी ने किसानों की मौत का मुद्दा भी उठाया और आरोप लगाया कि सदन में किसी ने उनकी श्रद्धांजलि देने की कोशिश नहीं की। इसके अलावा, उन्होंने नोटबंदी और कोरोना लॉकडाउन के अनियोजित फैसलों पर भी सवाल उठाए। अंत में, बनर्जी ने सरकार को चुनौती दी कि वे मीडिया चैनल पर बहस के लिए तैयार रहें। स्पीकर ने भी बनर्जी को सलाह दी कि वे बजट पर ध्यान केंद्रित करें और सदन की मर्यादा का पालन करें।









