15 सितम्बर 2026 |
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शिक्षिका ने हाई कोर्ट में दुष्कर्म के आरोपित को सजा दिलाने की मांगी, कोर्ट ने याचिका खारिज की

OM Darpan

Oct 07, 2024 09:12 pm 164 views
बिलासपुर: एक शिक्षिका ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को चुनौती देते हुए हाई कोर्ट में याचिका दायर की, जिसमें उसने दुष्कर्म के आरोपित को सजा देने की मांग की। याचिकाकर्ता ने अपने आप को पीड़िता बताते हुए न्यायालय में यह याचिका प्रस्तुत की। मामले की सुनवाई के दौरान हाई कोर्ट ने झूठे मुकदमे के संबंध में नाराजगी व्यक्त की और तल्ख टिप्पणी करते हुए याचिका को खारिज कर दिया। हाई कोर्ट ने ट्रायल कोर्ट के फैसले को भी बरकरार रखा, जिसमें आरोपित शिक्षक को दोषमुक्त किया गया था। न्यायालय ने अपने निर्णय में कहा कि शिक्षिका, जो कि एक अध्यापिका हैं, सब कुछ समझती हैं और उनकी सहमति से ही संबंध बना था। इस मामले में याचिकाकर्ता की कहानी अविश्वसनीय पाई गई। ट्रायल कोर्ट में गवाहों के बयान और प्रतिपरीक्षण के दौरान यह स्पष्ट हुआ कि पीड़िता जिस मोहल्ले में किराए के मकान में रहती हैं, वहां के लोगों को इस घटना की जानकारी नहीं थी। इसके अलावा, घटना के बाद पीड़िता ने किसी भी व्यक्ति से इसका जिक्र नहीं किया। दूसरी ओर, आरोपित के गवाहों ने बताया कि आरोपित के समाज में चूड़ी पहनाकर शादी करने की प्रथा है, जिसे ध्यान में रखते हुए शिक्षिका को चूड़ी पहनाकर शादी की गई और वह आरोपित के घर भी गई थीं। बलौदाबाजार जिले के शासकीय प्राथमिक विद्यालय में पदस्थ शिक्षिका ने जुलाई 2018 में एक रिपोर्ट दर्ज कराई। रिपोर्ट में उन्होंने बताया कि वह अपने बच्चे के साथ किराए के कमरे में रहती हैं। उस दिन दोपहर लगभग 12 बजे, पास के गांव के एक मीडिल स्कूल का शिक्षक उनके घर आया। उसने पहले बच्चे को चॉकलेट देकर बाहर भेजा और फिर शादी करने की बात कहकर, नहीं मानने पर बच्चे को मारने की धमकी देकर उनके साथ जबरदस्ती दुष्कर्म किया। इस घटना के बाद, आरोपित बार-बार शिक्षिका के घर आता रहा। पुलिस ने रिपोर्ट के आधार पर मामला दर्ज कर न्यायालय में चालान पेश किया। हालांकि, ट्रायल कोर्ट ने सुनवाई के बाद अपराध सिद्ध न होने पर आरोपित को दोषमुक्त कर दिया। हाई कोर्ट ने अपने फैसले में कहा कि याचिकाकर्ता की ओर से प्रस्तुत सभी तर्क अविश्वसनीय हैं। यह जानने के बावजूद कि वह एक अध्यापिका हैं और सब कुछ समझती हैं, बिना सहमति संबंध संभव नहीं है।
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