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करोड़ों खर्च कर तैयार ‘हमर क्लीनिक’ पर लटका ताला, बिरगांव में स्वास्थ्य सुविधाओं की खुली पोल

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  • कांग्रेस सरकार की योजना पर भाजपा सरकार की बेरुखी का पार्षद ने लगाया आरोप

  • पार्षद इकराम अहमद ने दी आंदोलन की चेतावनी

✍️ विशेष संवाददाता

बिरगांव | बिरगांव नगर निगम क्षेत्र में गरीबों और मजदूरों को घर के करीब इलाज मुहैया कराने वाली ‘हमर क्लीनिक’ योजना वर्तमान में अधर में लटकी नजर आ रही है। पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार द्वारा शुरू की गई इस योजना के तहत कई भवन बनकर तैयार हैं, लेकिन जिम्मेदारों की लापरवाही के चलते यहां इलाज शुरू नहीं हो सका है। लाखों-करोड़ों रुपये खर्च होने के बाद भी मरीजों को सुविधाओं के लिए भटकना पड़ रहा है, जिससे सरकारी दावों और प्रबंधन की पोल खुल रही है।

भवन तैयार मगर स्टाफ और दवाओं का अता-पता नहीं

नगर निगम पार्षद इकराम अहमद ने इस बदहाली को उजागर करते हुए बताया कि पूर्ववर्ती कांग्रेस सरकार और तत्कालीन विधायक सत्यनारायण शर्मा के प्रयासों से बिरगांव क्षेत्र में 9 हमर क्लीनिक खोलने की मंजूरी मिली थी। इनमें से 3 क्लीनिक भवन पिछले 3 वर्षों से पूरी तरह बनकर तैयार खड़े हैं। आरोप है कि प्रदेश में भाजपा सरकार के सत्ता में आने के बाद से इन क्लीनिकों के संचालन को लेकर कोई गंभीरता नहीं दिखाई गई है, जिसके कारण करोड़ों की लागत से बने ये भवन शो-पीस बनकर रह गए हैं।

गरीबों की उम्मीदों पर फिर रहा पानी

इकराम अहमद ने कहा, सरकार बदलने के बावजूद गरीब जनता की परेशानियां कम नहीं हुई हैं। उनका कहना है कि भवनों पर भारी निवेश के बाद भी डॉक्टर, नर्स और दवाइयां उपलब्ध न होना जनता के पैसे और गरीबों की उम्मीदों के साथ सरासर अन्याय है। उन्होंने स्थानीय विधायक पर उदासीनता का आरोप लगाते हुए कहा कि जिस योजना का मूल मकसद मजदूर परिवारों को उनके घर के पास मुफ्त और बेहतर स्वास्थ्य सुविधा देना था, वह अब पूरी तरह से सरकारी उपेक्षा का शिकार हो गई है।

मांगें पूरी नहीं हुई तो सड़कों पर उतरेगी जनता

पार्षद ने विधायक और संबंधित विभाग से मांग की है कि बिरगांव में तैयार सभी हमर क्लीनिकों का तत्काल निरीक्षण किया जाए और वहां आवश्यक स्टाफ व दवाइयों की व्यवस्था कर सेवाएं शुरू की जाएं। साथ ही उन्होंने बंद पड़े भवनों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की भी मांग रखी। अहमद ने सरकार को बेनकाब करते हुए स्पष्ट चेतावनी दी कि यदि जल्द ही स्वास्थ्य सेवाएं शुरू नहीं की गईं, तो आम जनता के साथ मिलकर सरकार की इस लापरवाही के खिलाफ उग्र जन आंदोलन किया जाएगा।

 

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