- बीजेपी ने कंगना को कृषि कानूनों पर बयान देने के लिए अधिकृत नहीं बताया, कांग्रेस ने की आलोचना
नई दिल्ली।
भारतीय जनता पार्टी ने मंगलवार को लोकसभा सांसद कंगना रनौत की ओर से तीन कृषि कानूनों को बहाल करने की मांग वाली टिप्पणी से खुद को अलग कर लिया है। बीजेपी के प्रवक्ता गौरव भाटिया ने कहा, “सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे बयान कंगना रनौत के व्यक्तिगत विचार हैं और पार्टी का दृष्टिकोण नहीं दिखाते।”
गौरव भाटिया ने स्पष्ट किया कि कंगना इस मुद्दे पर पार्टी की तरफ से कोई बयान देने के लिए अधिकृत नहीं हैं। इससे पहले, कंगना ने हिमाचल प्रदेश के मंडी में पत्रकारों से कहा था कि तीन कृषि कानूनों को फिर से लागू किया जाना चाहिए, और किसानों को स्वयं इसकी मांग करनी चाहिए।
कंगना रनौत ने तर्क दिया कि ये कानून किसानों के लिए फायदेमंद थे, लेकिन राज्य स्तर पर कुछ विरोध के कारण वापस ले लिए गए। उन्होंने कहा, “किसान देश के विकास का एक स्तंभ हैं। मैं उनसे अपील करती हूं कि वे अपने भले के लिए कानूनों की बहाली की मांग करें।”
इस बयान पर कांग्रेस ने प्रतिक्रिया देते हुए कहा, “बीजेपी सांसद फिर से इन कानूनों की बहाली का प्लान बना रहे हैं। कांग्रेस किसानों के साथ खड़ी है और इन कानूनों की वापसी नहीं होने देगी।”









