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डॉक्टरों की मनमानी से बेहाल मरीज: ओपीडी समय में नदारद डॉक्टर, निजी प्रैक्टिस में व्यस्त: अशवंत तुषार साहू

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महासमुंद।
भाजपा किसान नेता अशवंत तुषार साहू ने जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज का निरीक्षण कर सरकारी डॉक्टरों की लापरवाही पर गंभीर सवाल उठाए हैं। उन्होंने बताया कि शासन के स्पष्ट निर्देश के बावजूद कई डॉक्टर निजी अस्पतालों में सेवाएं दे रहे हैं।

ओपीडी में गैरहाजिर, मरीज परेशान

तुषार साहू ने बताया कि दोपहर 2:00 बजे के बाद सरकारी अस्पतालों में डिलीवरी, गंभीर बीमार और दुर्घटनाग्रस्त मरीजों के इलाज में भारी दिक्कतें आती हैं। कारण—डॉक्टरों की अनुपस्थिति। उन्होंने कहा कि अस्पताल में ड्यूटी चार्ट अपडेट नहीं होता, जिससे इमरजेंसी में डॉक्टरों को बुलाना मुश्किल हो जाता है।

ड्यूटी के समय निजी प्रैक्टिस

तुषार साहू ने कहा कि जिला अस्पताल और मेडिकल कॉलेज के कई डॉक्टर ड्यूटी पीरियड में भी अस्पताल से गायब रहते हैं और निजी अस्पतालों में ओपीडी चला रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि जिले में कई सरकारी डॉक्टरों के खुद के अस्पताल हैं, जबकि कुछ साझेदारी में निजी क्लीनिक चला रहे हैं। इन अस्पतालों के बाहर डॉक्टरों के नाम और ओपीडी समय का बोर्ड तक लगा है।

सख्त कार्रवाई की मांग

तुषार साहू ने कहा कि मेडिकल कॉलेज अस्पताल प्रबंधन और जिला चिकित्सा अधिकारी को ऐसे डॉक्टरों के खिलाफ सख्त कदम उठाने चाहिए। साथ ही जिन निजी अस्पतालों में सरकारी डॉक्टरों की सेवाएं ली जा रही हैं, उन पर भी कार्रवाई की जानी चाहिए।

सीएमओ से संपर्क पर जवाब—”मैं छुट्टी पर हूँ”

तुषार साहू ने बताया कि जब उन्होंने मुख्य चिकित्सा एवं स्वास्थ्य अधिकारी (सीएमओ) से बात की, तो उन्होंने खुद के छुट्टी पर होने का हवाला दिया।

सुविधा के बाद भी निजी अस्पतालों की भरमार

तुषार साहू ने कहा कि शासकीय अस्पतालों में तमाम सुविधाएं और बेहतर डॉक्टर होने के बावजूद निजी अस्पतालों की बाढ़ सी आ गई है। समय पर डॉक्टर न मिलने से मरीज मजबूरन निजी अस्पतालों का रुख करते हैं। कई बार सरकारी डॉक्टर और स्टाफ मरीजों को कमीशन के लालच में निजी अस्पतालों की ओर भेज देते हैं। उन्होंने इस मनमानी पर रोक लगाने के लिए राज्य शासन से कड़े कदम की मांग की है।

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